विकसित होंगे मांडव व बाल्मीकि आश्रम
तमसा नदी किनारे स्थित पौराणिक ऋषियों के आश्रम को विकसित किया जाएगा। तमसा को नवजीवन मिला और पौराणिक महत्व ताजा हुआ। राष्ट्रीय जल नवाचार का तमगा हासिल हुआ तो तमसा का सांस्कृतिक गौरव वापस दिलाने की कवायद शुरू हो चुकी है.
अयोध्या : तमसा नदी किनारे स्थित पौराणिक ऋषियों के आश्रम को विकसित किया जाएगा। तमसा को नवजीवन मिला और पौराणिक महत्व ताजा हुआ। राष्ट्रीय जल नवाचार का तमगा हासिल हुआ तो तमसा का सांस्कृतिक गौरव वापस दिलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। तमसा के तीरे सिद्ध ऋषि मुनियों के आश्रम आदिकाल से स्थित है। जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंचे इन पौराणिक आश्रमों को सजाने व संवारने के साथ ही विकसित किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण की शुरुआत व तमसा का पुनरुद्धार होने के बाद ये आश्रम पर्यटकों व श्रद्धालुओं को लुभाएंगे। पहले चरण में तमसा के उद्गम स्थल लखनीपुर में मांडव्य ऋषि व बीकापुर में गौरा घाट पर स्थित बाल्मीकि आश्रम को संवारा जाएगा। आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने भी रामायण में तमसा नदी का वर्णन किया है। महर्षि वाल्मीकि का आश्रम तमसा नदी के तट पर है। महर्षि प्रतिदिन तमसा नदी में स्नान करने जाया करते थे। तमसा उत्पत्ति स्थल लखनीपुर के बाएं छोर पर ग्रामीणों को पौराणिक महत्व का एक शिलालेख मिला था। जिस पर 120 श्री प्रमोद बन मांडव आश्रम तमसा उत्पत्ति स्थल अंकित है। कालांतर में उसी स्थल पर ग्रामीणों ने हनुमान का भव्य मंदिर बनवाया था। उक्त शिलालेख आज भी सुरक्षित है। इसी मंदिर के दूसरे छोर पर विशाल जंगल है। शास्त्रों के अनुसार यही पर ऋषि मांडव की कुटिया और समाधि भी है। हर आश्रम के पास मंदिर जरूर है। मंदिरों का रंग रोगन भी होगा। दूसरे चरण में उन घाटों का सुंदरीकरण होगा, जहां पर मेला लगता है। इनमें तारुन ब्लॉक के गयासुद्दीन पुर व रुदौली ब्लॉक के कोलवा गांव का मेला सुप्रसिद्ध है।
....
इन घाटों का होगा सुंदरीकरण
मवई का लखनीपुर, बीबीपुर, बरौली, करौंदी, नरौली, गोसाईगंज, रुदौली का भैरवधाम घाट, रामपुरभगन का गौराघाट, गोसाईगंज का महादेवा व सत्संग घाट तारुन का बाबा कम्हरिया ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व समेटे हैं। मनरेगा से तमसा का पुनरुद्धार हुआ है। अब तमसा नदी के घाटों को संवारा जाएगा। घाटों पर सीढि़या स्नानागार व शौचालय बनाने की योजना प्रस्तावित है।
........
ऋषि मांडव की तपोस्थली को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग
रुदौली : रामायण कालीन पौराणिक कथाओं में वर्णित ऋषि मांडव की कुटिया को पर्यटन स्थल बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रधान संघ अध्यक्ष रामप्रेस यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सांसद लल्लू सिंह व विधायक रामचंद्र यादव को पत्र भेजा है। उन्होंने इतिहासकारों व राजस्व के विशेषज्ञ की टीम बनाकर पौराणिक स्थल को संरक्षित कर पर्यटन स्थल बनाने की मांग की है।
.....
'तमसा तट के किनारे स्थित मांडव व बाल्मीकि आश्रम को विकसित करने के लिए जल्द हीआगणन बनाया जाएगा। जमीन की उपलब्धता पर पर्यटकों की ²ष्टि से पार्क भी बनाए जाएंगे।
- नागेंद्र मोहनराम त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।