अयोध्या : राममंदिर निर्माण में प्रयुक्त होने वाले पत्थर अयोध्या जंक्शन की भी शोभा बढ़ाएंगे। अयोध्या जंक्शन के पुर्न निर्माण में भी राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से शिलाएं मंगाई जाएंगी। रेलवे ने इसे हरी झंडी दे दी है। मंदिर की तरह आकार ले रहे अयोध्या जंक्शन के मुख्य भवन की बाहरी दीवार के निर्माण में इन्हीं शिलाओं का उपयोग होगा, जिसके लिए आठ हजार वर्गमीटर शिलाएं राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से आएंगी। जल्द ही शिलाएं यहां पहुंचेंगी। केंद्र की मंशा अयोध्या जंक्शन को इस ढंग से विकसित करना है कि यहां आने वाले पर्यटक व श्रद्धालुओं को स्टेशन पर उतरते ही राममंदिर के निकट होने की अनुभूति हो सके। इसलिए राममंदिर में प्रयुक्त होने वाले पत्थरों की ही गुणवत्ता व रंगरूप वाली शिलाओं का प्रयोग स्टेशन के मुख्य भवन में किया जा रहा है। स्टेशन के अंदर ग्रेनाइट का प्रयोग होगा।

राजस्थान में भरतपुर स्थित बंशी पहाड़पुर के पत्थर अपनी मजबूती, सुंदरता और लंबी आयु के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण राममंदिर निर्माण में भी बंशीपहाड़पुर की शिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब रेलवे भी अयोध्या जंक्शन के पुनर्निमाण में इन्हीं शिलाओं का प्रयोग करने जा रहा है। अयोध्या जंक्शन का पुनर्निमाण 104 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। मुख्य भवन का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। राइट्स के संयुक्त महाप्रबंधक एके जौहरी के नेतृत्व में स्टेशन को नया स्वरूप दिया जा रहा है। स्टेशन के मुख्य भवन में शिखर, मुकुट व छोटे पिरामिड मंदिर का स्वरूप निर्धारित करेंगे। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक स्टेशन के मुख्य भवन में शिलाओं को लगाने का कार्य आरंभ कर व 30 अक्टूबर तक मुख्य भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशन अधीक्षक एमएन मिश्र कहते हैं कि मंदिर की तरह बन रहा स्टेशन रामनगरी का प्रतिनिधित्व करेगा। इसलिए स्टेशन का पुनर्विकास राममंदिर की गरिमा के अनुरूप किया जा रहा है।

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