जागरण संवाददाता, अयोध्या: अयोध्या इस समय राम मंदिर निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद निर्माण व शिलाओं की गढ़ाई तेज हो चली है। दो माह पहले की तुलना में श्रमिकों की संख्या लगभग तीन गुणा बढ़ी है। इस समय 1500 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। जबकि दो माह पूर्व यह संख्या करीब 500 थी। श्रमिक राजस्थान व अयोध्या की कार्यशालाओं में पत्थरों को गढ़कर अंतिम रूप दे रहे हैं। गत दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले वर्ष एक जनवरी तक मंदिर निर्माण हो जाने की बात कहकर दुनियाभर के राम भक्तों में उत्साह का संचार कर दिया है। ऐसे में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए रात दिन मोर्चे पर डटा है।

मंदिर के प्रथम तल का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा होना है। अगले वर्ष जनवरी में भव्य गर्भगृह में रामलला विराजमान होंगे, भक्तों का दर्शन प्रारंभ हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पत्थर गढ़ाई सहित अन्य सभी तैयारियों को समय से पहले ही पूरा कर लेना चाहता है। इससे पत्थरों की गढ़ाई में श्रमिकों की फौज तैनात की गई। राजस्थान के सिरोही की कार्यशालाओं में तकरीबन एक हजार व अयोध्या के रामसेवकपुरम, न्यास कार्यशाला व मंदिर परिसर में पांच सौ श्रमिक हैं।

रामनगरी में पत्थरों की गढ़ाई, सफाई तथा राजस्थान में पत्थरों की कटिंग व गढ़ाई चल रही है। प्रत्येक माह में एक बार होने वाली निर्माण समिति की बैठक गत 30 दिन में दो बार हो चुकी, इसी से मंदिर निर्माण की गति का पता चल रहा है। रामलला की प्रतिमा निर्मित कराने व मंदिर की लाइटिंग को लेकर भी प्रजेंटेशन भी हो चुका है।

Edited By: Anil Pandey

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