ज्ञान, शील, एकता के मंत्र की साधना को उतरीं राज्य की 24 छात्राएं
आरएसएस के सहयोगी संगठन एबीवीपी में बदलाव छात्राएं भी बनीं पूर्णकालिक कार्यकर्ता

अयोध्या (प्रवीण तिवारी): आरएसएस के सहयोगी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में छात्राएं भी पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने को आगे आ रही हैं। ये सभी अपना पूरा समय संगठन को समर्थित कर घर से दूर रह कर संगठन व उसकी विचारधारा को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगी। उत्तर प्रदेश से कुल 24 छात्राओं ने फिलहाल पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का व्रत लिया है। इन सभी के नए रूप में कार्य करने की घोषणा अलग-अलग प्रांतों के प्रांत अभ्यास वर्ग में हुई। काशी प्रांत से सात व अवध प्रांत से सर्वाधिक छह छात्राएं संकल्पबद्ध हुई हैं। सीतापुर की वैष्णवी सिंह अयोध्या में रह कर कार्य करेंगी। 17 जुलाई को इनका प्रशिक्षण लखनऊ में होगा।
एबीवीपी ने उत्तर प्रदेश को छह प्रांत अवध, गोरक्ष, कानपुर, काशी, ब्रज व मेरठ में बांटा है। इन सभी प्रांतों के प्रांत अभ्यास वर्ग गत दिनों संपन्न हुए। इस दौरान पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के नाम की घोषणा हुई। अयोध्या प्रवास पर पहुंचे अवध प्रांत संगठन मंत्री अंशुल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रांत में 43 विद्यार्थियों ने पूर्णकालिक (विस्तारक) जीवन को स्वीकार किया, जिसमें छह छात्राएं, रायबरेली की अंजली विश्वकर्मा, सीतापुर की वैष्णवी सिंह, लखनऊ की प्रियंका ठाकुर, तूलिका श्रीवास्तव, विदिशा सिंह तथा मुस्कान उपाध्याय हैं। इसके अतिरिक्त काशी प्रांत में कुल 28 विद्यार्थियों में से सात छात्राएं, गोरक्ष के 35 में तीन, कानपुर के 24 में चार, ब्रज के 21 में से एक तथा मेरठ प्रांत के 23 में तीन छात्राएं पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगी। केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य अंकित शुक्ला कहते हैं कि एबीवीपी का ध्येय वाक्य ज्ञान, शील व एकता है। इसे ही अंगीकार कर युवा अपने चरित्र का निर्माण तो करता ही है, साथ ही प्रबुद्ध नागरिक भी बनता है।
समाज के सभी क्षेत्रों में छात्राओं का नेतृत्व बढ़ा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अखिल भारतीय अमृत महोत्सव विस्तारक योजना में छात्राओं का बड़ी संख्या में समाज के लिए आगे आना ही राष्ट्र पुनर्निर्माण के लिए शुभ संकेत है।
घनश्याम शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश एबीवीपी
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