'मेरी कोई जाति नहीं है, 14 साल से कर रहा हूं कथा', इटावा में कथावाचक की चोटी काटने से पहले क्या हुआ? Video वायरल
इटावा के दांदरपुर गांव में 21 जून को कथा वाचक मुकुट मणि यादव का भागवत कथा के पहले दिन के बाद शाम को ग्रामीणों के बीच बातचीत का एक और वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में मुकुट मणि यादव गांव के ब्राह्मणों द्वारा उनकी जाति पूछे जाने पर कह रहे हैं कि पहले तो उनकी कोई जाति नहीं है। वे महात्मा संत हैं और 14 साल से भागवत कथा कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, इटावा। दांदरपुर गांव में 21 जून को कथा वाचक मुकुट मणि यादव का भागवत कथा के पहले दिन के बाद शाम को ग्रामीणों के बीच बातचीत का एक और वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में मुकुट मणि यादव गांव के ब्राह्मणों द्वारा उनकी जाति पूछे जाने पर कह रहे हैं कि पहले तो उनकी कोई जाति नहीं है। वे महात्मा संत हैं और 14 साल से भागवत कथा कर रहे हैं।
मुकुट मणि यादव ग्रामीणों द्वारा बार-बार पूछे जाने के बावजूद भी उन्हें यह बताने को तैयार नहीं थे कि वे यादव जाति से हैं। बीच-बीच में वे वहां पर बैठे हुए साधुओं को समझाने का भी प्रयास कर रहे थे। गांव के युवा हालांकि यह बात मानने को तैयार नहीं थे और उन पर गुस्सा हो रहे थे। बीच-बीच में मुकुट मणि लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। यह वीडियो भागवत कथा समाप्त होने के बाद गांव में एक स्थान पर बैठे हुए लोगों का है। उसके बाद गुस्साए युवा मुकुट मणि को गांव के बाहर ले गए थे और वहां पर मारपीट कर चोटी काट दी थी।
बता दें, 21 जून से चर्चा में आया महेवा ब्लॉक का दांदरपुर गांव कथा वाचक मुकुट मणि यादव व उसके सहयोगी के साथ हुए मामले के बाद सुर्खियों में बना हुआ है। पूरे गांव को पुलिस प्रशासन ने छाबनी में तब्दील कर दिया है। गांव के हर रास्ते पर पुलिस तैनात है जिसके कारण अब यहां आने जाने वाले लोगों में दहशत बनी हुई है। गुरुवार को अहीर रेजिमेंट के कार्यकर्ताओं के दांदरपुर गांव कूंच करने के ऐलान के बाद गांव के लोगों में भय व्याप्त है। उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा का भय सता रहा है। गांव में पहुंचे पुलिस प्रशासन से ग्रामीणों ने सुरक्षा की मांग की है।
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