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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिलुआ में पकड़ी नकली दूध फैक्ट्री, जखीरा मिला

By JagranEdited By:
Published: Fri, 12 Jul 2019 11:04 PM (IST)Updated: Sat, 13 Jul 2019 06:26 AM (IST)

एटा जासं। पिलुआ पुलिस ने नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में केमिकल पाउडर व अन्य ...और पढ़ें

पिलुआ में पकड़ी नकली दूध फैक्ट्री, जखीरा मिला
पिलुआ में पकड़ी नकली दूध फैक्ट्री, जखीरा मिला

एटा, जासं। पिलुआ पुलिस ने नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में केमिकल, पाउडर व अन्य सामान बरामद किया है। इस दौरान फैक्ट्री संचालक समेत दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपित फरार हो गया।

पिलुआ पुलिस ने एक सटीक सूचना के आधार पर टीटू उर्फ सतेंद्र निवासी पिलुआ के गोदाम पर छापा मारा, जहां नकली दूध बनाया जा रहा था। मौके पर ग्लूकोज पाउडर के पैकेट, पॉम ऑयल, जरिकैन हाइड्रोजन ऑक्साइड केमिकल जैसा सामान काफी तादात में रखा हुआ था। पुलिस को देखते ही हड़कंप मच गया और वहां जो लोग मौजूद थे उनमें भगदड़ मच गई। इस दौरान फैक्ट्री संचालक रघुनंदन वाष्र्णेय निवासी कटरा मुहल्ला एटा और पिलुआ के रहने वाले टीटू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों को पुलिस पिलुआ थाने ले आई, जहां उनसे पूछताछ भी की गई। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उमाशंकर निवासी पिलुआ भी उनके साथ कारोबार करता है। पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी थाने में बुला लिया। सीओ सदर वरुण कुमार ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश की जा रही है, उसके ठिकाने पर दबिश दी जा रहीं हैं। ये हुई बरामदगी

- 107 पैकेट ग्लूकोज पाउडर

- दो ड्रम सारबीटल

- दो ड्रम पॉम ऑयल

- 15 जरिकैन हाइड्रोजन ऑक्साइड

- दो बोरी सफेद पाउडर

- आठ खाली कैन

- ड्रम से तेल निकालने की दो मशीन परचून के लाइसेंस पर चल रहा था जहर का कारोबार

पिलुआ में जिस गोदाम में नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पुलिस ने पकड़ी। उस गोदाम का लाइसेंस परचून के नाम पर बना हुआ है। यह लाइसेंस टीटू उर्फ सतेंद्र के नाम पर था। इस फैक्ट्री में नकली दूध तो बनता ही था, साथ ही दूध पाउडर भी बनाया जाता था, जिसकी सप्लाई बाजारों में दी जाती थी। नकली दूध सेहत के लिए किसी जहर से कम नहीं है, लेकिन आरोपित काफी समय से इस जहर को बनाकर बाजार में उतार रहे थे। बड़ी ही होशियारी के साथ पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की नजरों से बचकर धड़ल्ले से नकली दूध का गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री में कई श्रमिक भी काम करते थे, लेकिन उनसे से कोई पकड़ में नहीं आ सका। तीन नमूने प्रयोगशाला भेजे

खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली दूध बनाने की फैक्ट्री में बरामद किए गए सामान के तीन सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी जेपी तिवारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट भी जल्दी से जल्दी मंगवाई जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। परचून के लाइसेंस को नियमों का उल्लंघन करने पर निरस्त कर दिया गया है।