एटा, जागरण संवाददाता: रेल के सफर को तरसते रहे एटा वासियों को कुछ राहत मिल सकती है। बरहन-एटा पैंसेंजर ट्रेन को रफ्तार देने के प्रयासों ने गति पकड़ ली है। रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा शुरु हो गया है। विद्युत पोल स्थापित किए जाने को रेल ट्रैक पर गड्ढों की खोदाई का काम होने लगा है। दो स्थानों पर विद्युतीकरण में उपयोग में लाए जाने वाले सामान के स्टॉक के लिए डिपो भी स्थापित कर दिये गये हैं।

कई बार रेल विस्तार के लिए जिले के विभिन्न संगठनों द्वारा आंदोलन भी चलाए गए। भले ही रेल विस्तार के प्रयास सार्थक नहीं हुए, लेकिन एटा से टूंडला के लिए दौड़ रही पैसेंजर ट्रेन की गति रेलवे ट्रैक के विद्युतीकृत होने के बाद बढ़ने जैसा नजर आ रहा है। जलेसर सिटी स्टेशन पर कार्यदायी संस्था ने ट्रेक विद्युतीकरण के लिए विद्युत पोल आदि के रखरखाव को डिपो की स्थापना करा दी है। वहीं एटा रेलवे स्टेशन के निकट भी सामान के स्टॉक के लिए डिपो स्थापित किया जाना है। इन दोनों डिपो से ही आवश्यकतानुसार सामान ट्रैक पर जुटाया जाएगा। इसके अलावा 25 किलोमीटर टेलीकॉम तथा इलेक्ट्रोनिक सिस्टम का कार्य भी बरहन से एटा तक पूर्ण कर लिया गया है। रेल ट्रेक पर विद्युत पोल लगाए जाने को गड्ढे खोदे जा रहे हैं। रेलवे के जूनियर इंजीनियर धमेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि विद्युतीकरण का कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा किया जाना है। रेल लाइन पर विद्युतीकरण के बाद रेल रफ्तार पकड़ेगी। लाखों के डीजल और ईंधन की होगी बचत

-----------

एटा-बरहन रेल लाइन के विद्युतीकरण से लाखों के डीजल की भी बचत रेलवे को होगी। रेल विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होगी। जेई का कहना है कि एटा से टूंडला तक पैसेंजर रेल में 500 लीटर डीजल की खपत होती है। विद्युतीकरण के बाद यह खपत खत्म हो जाएगी।

Edited By: Jagran