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कैंसर की 543 दवाओं के दाम 90% तक घटे, मरीजों को मिलेगी राहत; 9 नवंबर से एटा में लागू होंगी नई दरें

Published: Sat, 31 Oct 2026 01:05 PM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार ने कैंसर की 543 दवा ब्रांडों की कीमतों में 90 प्रतिशत तक की कमी की घोषणा की है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. कैंसर की 543 दवाओं के दाम 90% तक घटे।

  2. नई दरें 9 नवंबर 2026 से होंगी लागू।

  3. गरीब मरीजों को इलाज में मिलेगी आर्थिक राहत।

जागरण संवाददाता, एटा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की पहल पर कैंसर की 543 दवा ब्रांडों की कीमतों में 90 प्रतिशत तक कमी की गई है। नई दरें नौ नवंबर 2026 से लागू होंगी। दवाओं की कीमतों में कमी से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को इलाज कराने में राहत मिलने की उम्मीद है।
कैंसर का उपचार लंबे समय तक चलने के कारण मरीजों और उनके स्वजन को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। जांच, चिकित्सकीय परामर्श, अस्पताल में भर्ती होने और दवाओं पर बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है।

कई परिवारों के लिए महंगी दवाओं का नियमित खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दवाओं की कीमतें घटने से उपचार का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

गरीब और कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए इलाज कराना होगा आसान

बता दें कि केंद्र सरकार की इस पहल के तहत 137 प्रकार की कैंसर दवाओं के व्यापारिक मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के आधार पर 30 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। हालांकि, सभी दवाओं की कीमतों में समान कमी नहीं हुई है। अलग-अलग दवाओं और ब्रांडों के अनुसार कीमतों में अंतर रहेगा।

केंद्र सरकार की पहल का जताया आभार

उदाहरण के रूप में देखें तो कैंसर की पैल्बोप्रो दवा भी है। इसके 125 मिलीग्राम के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 40421.33 रुपये से घटकर 2720 रुपये हो गई है। इस तरह पैक की कीमत में 37701.33 रुपये की कमी आई है। यह बदलाव कैंसर के उपचार पर होने वाले खर्च को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्राने बताया कि दवाओं की कीमतों में कमी को मरीजों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन परिवारों को विशेष राहत मिल सकती है, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा इलाज पर खर्च हो जाता है। कहा कि वास्तविक राहत मरीज के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उनकी नई निर्धारित कीमतों पर निर्भर करेगी।

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कैंसर की दवा सस्ती होने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। दवा महंगी होने के कारण लोग ठीक से इलाज नहीं करा पा रहे थे। यह दवा पहले से ही सस्ती हो जानी चाहिए थी, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल पाता।

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गौरव सक्सेना, शिक्षक

कैंसर की दवा के रेट कम होने के बारे में जानकारी मिली है। यह अच्छी बात है कि रेट कम हुए हैं। दवा महंगी होने के कारण मेडिकल स्टोर संचालक भी यहां अधिक दवा नहीं मंगा पाते थे।

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संजय सभरवाल, दवा व्यवसायी

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