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    Etah News: बड़ा घर और उसमें थार...सपना पूरा करने जयपुर पहुंच गईं कक्षा सात की तीन छात्राएं, युवक ने दिखाई सूझबूझ

    Updated: Sun, 25 Aug 2024 08:14 AM (IST)

    Etah Today Update News कॉलेज के लिए पढ़ने के लिए निकलीं तीन लड़कियां अभी कक्षा सात की छात्राएं हैं। लेकिन उनके सपने बड़ा घर और बड़ी गाड़ी के थे। तीनों ने मिलकर हाथरस तक बस पकड़ी और वहां स्टेशन पर खड़ी जयपुर की ट्रेन में बैठीं। यहां टिकट के पैसे कम पड़े तो एक युवक ने मदद की। उसकी समझता से तीनों वापस घर पहुंची।

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    Etah News: खबर में सांकेतिक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।

    संवाद सहयोगी जागरण, जलेसर/एटा। राजकीय इंटर कॉलेज की गायब हुईं तीन छात्राएं जयपुर में मिल गईं। एक युवक की सूझबूझ से तीनों बच्चियों का जीवन खतरे में जाने से बच गया। यह लड़कियां बड़ा बनना चाहती थीं। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से अपने घरों से निकलीं। पहले विद्यालय गईं और फिर वहां से घर न जाकर चली गईं। बच्चियों के स्वजन परेशान थे। उन्होंने और पुलिस ने अब राहत की सांस ली है।

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    राजकीय इंटर कॉलेज की कक्षा सात की जलेसर कस्बा की रहने वाली तीनों छात्राओं ने दो दिन पूर्व प्लान बनाया था कि वे घर से बाहर जाकर नौकरी करके बड़ा बनेंगीं। शुक्रवार को विद्यालय के समय पर यूनीफॉर्म में स्कूल बैग लेकर घर से निकलीं और कॉलेज पहुंचीं। कॉलेज की छुट्टी दो बजे होने के बाद तीनों छात्राओं ने हाथरस के लिए बस पकड़ ली। हाथरस पहुंचकर वे सीधी रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां इंटरसिटी एक्सप्रेस जयपुर जाने के लिए खड़ी मिली।

    इन छात्राओं ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि तीनों में से एक छात्रा के पास 400 रुपये थे। कुछ किराया जलेसर से हाथरस तक आने में लग गया था। शेष पैसे बचे उससे जयपुर की टिकट लेने टिकट विडो पर पहुंच गईं, लेकिन वहां पैसे कम पड़ गए। तभी जयपुर जा रहे एक युवक विजयगिरि को तीनों छात्राओं पर शक हुआ तो उसने पूछताछ की। इस पर छात्राओं ने कह दिया कि उनके मां-बाप उन्हें छोड़कर चले गए हैं। इसलिए वे नानी, मौसी के घर जयपुर में ननिहाल जा रही हैं। छात्राओं ने टिकट के लिए कुछ पैसे भी मांगे।

    ट्रेन में युवक ने अपने पास बैठाया

    युवक विजय गिरि ने उन्हें पैसे दे दिए और ट्रेन में अपने पास ही बैठा लिया। युवक रास्ते में पूछताछ करता रहा, लेकिन छात्राओं ने परिवार के बारे में कुछ भी नहीं बताया। शनिवार रात डेढ़ बजे ट्रेन जयपुर पहुंच गई। युवक ने छात्राओं को नहीं छोड़ा और वह परिवार के बारे में पूछता रहा। एक छात्रा ने अपने पिता का नंबर बता दिया। इसके बाद युवक ने रात को ही पिता से बात की और कहा कि तीनों बच्चियां उसके पास हैं।

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    युवक ने दी स्वजन को सूचना

    युवक ने उन्हें निकलने नहीं दिया। इसके बाद स्वजन ने पुलिस को सूचना दे दी तो पुलिस की टीम जलेसर से तत्काल जयपुर के लिए रवाना हो गई। सुबह 10 बजे यह टीम जयपुर पहुंच गई और छात्राओं को बरामद कर लिया। पुलिस की टीम उन्हें रविवार शाम थाने लेकर पहुंची।

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    सीसीटीवी फुटेज खंगाले

    पूछताछ में छात्राएं एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगीं कि मैं इसके कहने पर गई तो दूसरी बोली कि मैं उसके कहने पर गई। छात्राओं में तू-तू मैं-मैं भी हो गई। उधर रात को ही स्वजन ने पुलिस को बता दिया था कि तीनों छात्राएं गायब हैं। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और छानबीन की। जिस युवक की वजह से बच्चियां खतरे में जाने से बच गईं उसकी प्रशंसा हो रही है। 

    तीनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया गया है। बच्चियां जयपुर में मिली हैं। पुलिस की तीन टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं। यह बच्चियां कुछ बनना चाहती थीं। नासमझी के चलते वे घर से चली गईं। तीनों स्कूल की ड्रेस में गईं। अन्य कोई कपड़ा रखकर नहीं ले गईं। श्याम नारायण सिंह, एसएसपी एटा