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एटा में आठ स्थानों पर लगेंगे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन, मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी

Published: Sun, 11 Oct 2026 01:40 PM (GMT+05:30)

एटा जिले में आठ स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम और वर्षा की ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. एटा में आठ ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित होंगे, सटीक मौसम हेतु।

  2. स्थानीय स्तर पर वर्षा और मौसमी बदलावों की मिलेगी जानकारी।

  3. किसानों को मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, खेती में सहायक।

जागरण संवाददाता, एटा। जिले में मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आठ स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर मौसम में होने वाले बदलाव, वर्षा और अन्य मौसमी गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए चार स्थानों पर जमीन उपलब्ध हो चुकी है। इन स्थानों पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना का काम स्काईनेट कंपनी की ओर से कराया जा रहा है।

ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने से जिले में मौसम संबंधी आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी। अभी मौसम की जानकारी सामान्य तौर पर बड़े क्षेत्र के आधार पर मिलती है, जिससे किसी विशेष गांव या क्षेत्र में होने वाली वर्षा का सटीक आकलन करना मुश्किल होता है। स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी उपलब्ध होने से इस समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। 

चार स्थानों पर जमीन उपलब्ध, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

इससे किसानों को भी मौसम में होने वाले बदलावों की जानकारी मिल सकेगी। ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत में एआरजी यानी आटोमैटिक रेनगेज लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से संबंधित क्षेत्र में होने वाली वर्षा का आंकड़ा दर्ज किया जा सकेगा। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि किस ग्राम पंचायत में कितनी वर्षा हुई है। वर्षा के आंकड़ों को सरकार तक पहुंचाने में भी यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।

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हर ग्राम पंचायत में लगेंगे आटोमैटिक रेनगेज, वर्षा का हो सकेगा सटीक आकलन

स्काईनेट कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक राहुल व्यास ने बताया कि जिले में सभी आठ स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने और ग्राम पंचायतों में रेनगेज लगाने के बाद मौसम संबंधी आंकड़ों का दायरा बढ़ेगा। इससे स्थानीय मौसम की स्थिति को समझने और वर्षा का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। वेदन स्टेशन स्थापित करने के लिए चार जगहों का चयन हो गया है।

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