देवरिया : जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की पोल खोलने वाले एक वीडियो ने स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचा दी है। वीडियो में दिख रहा है कि एक घायल व्यक्ति स्ट्रेचर पर है और एक महिला मासूम बच्चे की सहायता से स्ट्रेचर को खींच रही है। महिला का आरोप है कि वार्ड में तैनात दाई ने स्ट्रेचर खींचने के लिए पैसे मांगे थे। मामला तूल पकड़ता देख जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी अमित किशोर ने एसडीएम एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की संयुक्त जांच कमेटी बना दी है।

बरहज थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी छेदी यादव का तीन जुलाई को हुई मारपीट पैर टूट गया था। वह जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। छेदी की बेटी बिदू अस्पताल में उनकी देखभाल कर रही हैं। बिंदू का आरोप है कि पिता की पट्टी बदलवाने के लिए ड्रेसिंग रूम तक जाने को स्ट्रेचर मांगा तो वार्ड में मौजूद दाई का काम करने वाली महिला ने 30 रुपये घूस मांगा। न देने पर स्ट्रेचर खुद खींचने के लिए कहा। पैसे नहीं थे, इसलिए चार वर्षीय बेटे शिवम के साथ खुद स्ट्रेचर खींचकर पिता को ले गई और पट्टी बदलवाई। जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया कि आरोप की जांच के लिए एसडीएम व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की संयुक्त कमेटी बनाई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई होगी।

उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. छोटेलाल का कहना है कि वार्ड में दाई की तैनाती नहीं है। एक पुरुष वार्ड ब्वॉय की ड्यूटी थी, जिसे दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। यदि किसी महिला ने स्ट्रेचर के लिए रिश्वत मांगी है तो जांच के बाद उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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