देवरिया: सलेमपुर कोतवाली के दिवाढार में तैयार होने वाली नकली शराब की खेप पड़ोसी प्रांत बिहार में पहुंचाई जाती थी। यह पर्दाफाश पुलिस की जांच में हुआ है। मुख्य सरगना समेत दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। सरगना ने गोरखपुर में किसी के यहां रहकर नकली शराब बनाने का तरीका सीखा था।

बुधवार को सीओ वरुण मिश्र के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने नकली शराब बनाने का भंडाफोड़ कर मौके से 25 पेटी नकली तैयार शराब बरामद किया था। शराब की शीशियों पर एक ब्रांड का रैपर भी लगा था। मौके से पुलिस ने दिग्विजय मिश्रा निवासी दिवाढार थाना कोतवाली सलेमपुर व कमलेश निषाद निवासी गौरा थाना बरहज को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 60 लीटर स्प्रीट, नकली अंग्रेजी व देसी शराब के साथ ही यूरिया, नौशादर भी बरामद हुआ है। पूछताछ में दिग्विजय ने बताया कि उसके एक रिश्तेदार की शराब की दुकान है, वह वहां शराब की आपूर्ति नहीं देता था। यहां तैयार होने वाली शराब की खेप पड़ोसी प्रांत बिहार भेजी जाती थी। कमलेश ने बताया कि वह नकली शराब बनाने का कार्य गोरखपुर में एक बड़े शराब कारोबारी के यहां सीखा था। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों को तलाश रही है। कुछ मोबाइल नंबर भी मिले हैं जिनकी काल डिटेल खंगाली जा रही है। प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी ने कहा कि दो आरोपित जेल भेज दिए गए हैं अन्य की तलाश की जा रही है।

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