Deoria Blast: क्या घर के अंदर चल रही थी कोई बड़ी साजिश? जांच के लिए पहुंचीं केंद्रीय जांच एजेंसियां; गांव में डाला डेरा
ऐसे तो गांव के लोग दबे जुबां बहुत कुछ कह रहे हैं लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस या अन्य अधिकारी नहीं कर रहे हैं। अगर मौके से किसी विस्फोटक का स्मेल नहीं आ रहा तो क्या कोई केमिकल रखा गया था? जो फटा तो बड़ा विस्फोट हो गया। इसका पर्दाफाश तो अब फोरेंसिक विभाग की जांच में ही हो सकेगा। उधर डाग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची।

जागरण संवाददाता, करौंदी बाजार (देवरिया)। जिले के पड़री मल्ल गांव की मकान में हुए धमाके से गांव के लोग दहशत में हैं, वहीं पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने भी गांव में डेरा डाल दिया है।
मौके का निरीक्षण करने के साथ ही जांच टीम से जुड़े सदस्यों ने ग्रामीणों से पूछताछ की और धमाके की तह में जाने का प्रयास किया। लोगों की जुबां पर एक ही बात आ रही है कि कहीं कोई बड़ी साजिश की तो तैयारी नहीं थी। इसका पर्दाफाश तो पुलिस व केंद्रीय जांच एजेंसियों के ही लोग कर सकेंगे।
गांव के जैनुल के तीन बेटे हैं। जिसमें सबसे बड़ा अब्बास, दूसरा एजाज व तीसरा महताब हैं। इसमें बड़ा बेटा विदेश में भी रहा है। इन दिनों तीनों दिल्ली में रहते हैं। साथ ही में अब्बास व एजाज का परिवार भी रहता है। यह दिल्ली में होटल में सामान आपूर्ति करने का कार्य करते हैं।
गांव में छोटा ही सही, लेकिन मकान आलीशान है। नीचे जैनुल व ऊपरी छत पर महताब की पत्नी व बच्चे रहते हैं। अचानक मकान के दो मंजिल पर बने सीढ़ी के कमरे में हुए ब्लास्ट ने सभी की परेशानी बढ़ा दी है।
पहले तो लोग गीजर के ब्लास्ट होने की बात कहते रहे। लेकिन मौके की स्थिति गीजर के ब्लास्ट के दावे को दरकिनार कर रही थी। जानकारों का कहना है कि गीजर का पाइप फटने से इतना बड़ा ब्लास्ट नहीं हो सकता, जिससे दीवार, छत, फाटक व रेलिंग के साथ ही आसपास की मकानों को भी हिला दे।
जांच एजेंसियों ने की बारीकी से जांच
गांव में ब्लास्ट होने की सूचना मिलते ही अभिसूचना इकाई के साथ ही एसओजी, केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम भी पहुंच गई। एक-एक बिंदु पर जांच एजेंसियों ने जांच की। फोरेंसिक टीम भी पहुंची और बिखरे सामानों से सैंपल लिया।
इंडियन आयल बैतालपुर डिपो से भी टीमें पहुंची और घर में रखे एक-एक सिलेंडरों की जांच की, लेकिन कहीं से भी कोई रिसाव नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस टीम का शक और गहरा गया है।
पुलिस टीम भी अब संदिग्ध मान रही है। मौके से न तो कोई बारूद मिला है और न ही किसी तरह का स्मेल ही आ रहा था, जिससे बम या अन्य विस्फोटक की पुष्टि हो सके।
तो क्या कोई केमिकल रखा था
ऐसे तो गांव के लोग दबे जुबां बहुत कुछ कह रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस या अन्य अधिकारी नहीं कर रहे हैं। अगर मौके से किसी विस्फोटक का स्मेल नहीं आ रहा तो क्या कोई केमिकल रखा गया था?
जो फटा तो बड़ा विस्फोट हो गया। इसका पर्दाफाश तो अब फोरेंसिक विभाग की जांच में ही हो सकेगा। उधर डाग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची। लेकिन उस टीम को भी कोई क्लू नहीं मिला।
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