देवरिया में एक साथ जलीं चार चिताएं, घाट का नजारा देख कांप उठे लोग; गूंजता रहा भारत माता की जय का नारा
सुल्तानपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद देवरिया के रुद्रपुर में बरूथनी रिवर फ्रंट के पक्का घाट पर एक साथ चार शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

गहिला-दुधैला गांव में सूबेदार सत्यवान सिंह को श्रद्धांजलि देते मंत्री दयाशंकर सिंह, स्वतंत्र देव सिंह व एमएलसी डाॅ. धर्मेंद्र सिंह। जागरण
HighLights
सुल्तानपुर हादसे के बाद देवरिया में चार शवों का अंतिम संस्कार।
बरूथनी रिवर फ्रंट के पक्का घाट पर गमगीन माहौल।
कृषि व जलशक्ति मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
श्यामानंद पांडेय, देवरिया। सुल्तानपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने रुद्रपुर को ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस लंबे समय तक रहेगी। सोमवार की सुबह गहिला-दुधैला और रुद्रपुर नगर पंचायत के भरटोला वार्ड में चार शव पहुंचे तो घरों से उठी चीख-पुकार ने पूरे गांव और मोहल्ले को रुला दिया। बरूथनी रिवर फ्रंट के पक्का घाट पर जब एक साथ चार चिताएं सजीं तो करुण क्रंदन के बीच हर आंख नम हो गई।
रामसमुझ सिंह अपने छोटे भाई सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर चंडीगढ़ से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुल्तानपुर में एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में रामसमुझ सिंह, सूबेदार सत्यवान सिंह के इकलौते पुत्र गौरव सिंह, रुद्रपुर नगर पंचायत के भरटोला वार्ड निवासी भाजपा सभासद राजन चौधरी और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो गई।
शव पहुंचते ही फूटी आंसुओं की धारा
सोमवार की सुबह करीब सात बजे गांव में तीन वाहनों से शव पहुंचे तो जुड़ी भीड़ की आंखों से आंसुओं की धारा फूट पड़ी। 10 बजे बरूथनी रिवर फ्रंट के पक्का घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई तो वहां का दृश्य देख लोगों का कलेजा कांप उठा। रामसमुझ सिंह के बड़े पुत्र विवेक सिंह ने जब अपने पिता समेत तीन अपनों को मुखाग्नि दी तो उनके हाथ कांपने लगे। बिलखते विवेक को देखकर आसपास खड़े लोगों ने उन्हें संभाला।
एक तरफ चिताएं जल रही थीं और दूसरी तरफ अपनों को खोने का दर्द लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। भाजपा सभासद राजन चौधरी का भी अंतिम संस्कार इसी घाट पर हुआ। बेटे के शव को मुखाग्नि देते समय पिता रामप्रीत चौधरी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। एक साथ चार चिताएं जलती देख घाट पर मौजूद लोग कुछ देर के लिए जैसे ठिठक गए। करीब तीन घंटे तक पक्का घाट का माहौल बेहद गमगीन रहा।
भारत माता की जय से गूंज उठा रुद्रपुर
सोमवार सुबह कसूबेदार सत्यवान सिंह का शव घर पहुंचा। पति और बेटे का शव देखते ही पत्नी सरोजनी देवी बेसुध हो गईं। कुछ देर तक वह घर से करीब सौ मीटर दूर तक बदहवास हालत में टकटकी लगाए खड़ी रहीं। इसके बाद उनकी चीख निकल पड़ी। उन्हें देखकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
इस बीच आसपास भारत माता की जय के जयघोष गूंजते रहे। तीन एंबुलेंस से शवों को घर पहुंचाया गया। सुल्तानपुर के जिलाधिकारी ने शवों को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई थी। एक एंबुलेंस में सूबेदार सत्यवान सिंह, दूसरी में रामसमुझ सिंह और गौरव सिंह तथा तीसरी में सभासद राजन चौधरी का शव लाया गया। दरवाजे पर शव उतरते ही जुटी भीड़ की आंखें नम हो गईं।
दो परिवारों की उजड़ गई दुनिया
हादसे ने सूबेदार सत्यवान सिंह और सभासद राजन चौधरी के परिवारों को गहरा सदमा दिया है। पत्नी सरोजनी सिंह और प्रतिभा चौधरी के सामने अब परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी आ गई है। रुद्रपुर की गलियों में सोमवार को भी लोग इसी हादसे की चर्चा करते रहे।
राजन चौधरी की मासूम बेटी लड्डू को अभी यह एहसास तक नहीं है कि उसके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। घर के दरवाजे पर बैठी वह आने-जाने वालों को टकटकी लगाकर देखती रही। मानो उसे अब भी इंतजार हो कि पिता आएंगे और पहले की तरह उसके लिए चाकलेट लाएंगे।
राजन को जाने से रोक रहे थे शिक्षक
गहिला-दुधैला निवासी शिक्षक डा. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने राजन चौधरी को जाने से मना किया था, लेकिन वह नहीं माने। हादसे के बाद गांव में लोग अब उसी बात को याद कर रहे हैं। घर के दरवाजे पर खड़ी राजन की बाइक देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आईं।
छह माह पहले मिले थे सत्यवान
सत्यवान सिंह के सहपाठी पीएन चौरसिया ने बताया कि सत्यवान और उनके भाई रामसमुझ दोनों काफी मिलनसार थे। सत्यवान जब भी गांव आते थे, उनसे जरूर मिलते थे। करीब छह माह पहले भी वह गांव आए थे और उनकी मां का हालचाल पूछा था। उस समय जल्द दोबारा आने का वादा किया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
कृषि और जलशक्ति मंत्री ने शोकाकुल परिवार काे बंधाया ढांढस
मृतकों के स्वजन को सांत्वना देने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और एमएलसी रतनपाल सिंह पहुंचे। उन्होंने स्वजन को ढांढस बंधाया और बरूथनी रिवर फ्रंट के पक्का घाट पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के साथ हैं। शासन स्तर से अनुमन्य हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे पहले जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जनपद के प्रभारी राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह और विधान परिषद सदस्य डा.धर्मेंद्र सिंह भी रविवार की शाम पांच रुद्रपुर पहुंचे थे। उन्होंने सूबेदार सत्यवान सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी सरोजनी सिंह को ढांढस बंधाया।
सभासद राजन चौधरी के पिता रामप्रीत चौधरी और पत्नी प्रतिभा चौधरी से भी मुलाकात कर संवेदना जताई। इस दौरान विधायक जयप्रकाश निषाद समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- देवरिया में सूरज के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन भी पसरा सन्नाटा, गमगीन हुआ पूरा गांव
यह भी पढ़ें- सुलतानपुर हादसे में मृतकों के शव पहुंचे देवरिया, सूबेदार-बेटा और भाई का एक साथ होगा अंतिम संस्कार
