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सुलतानपुर हादसे में मृतकों के शव पहुंचे देवरिया, सूबेदार-बेटा और भाई का एक साथ होगा अंतिम संस्कार

By SK SinghEdited By: Sakshi Gupta
Published: Mon, 05 Oct 2026 10:40 AM (IST)

सुल्तानपुर सड़क हादसे में मृत चार लोगों के शव सोमवार सुबह देवरिया स्थित उनके घरों पर पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया।

सुलतानपुर हादसे में मृतकों के शव पहुंचे देवरिया।

सुलतानपुर हादसे में मृतकों के शव पहुंचे देवरिया।

HighLights

  1. सुल्तानपुर हादसे के चार शव देवरिया स्थित घरों पर पहुंचे।

  2. शवों के पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक छा गया।

  3. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी।

जागरण संवाददाता, देवरिया। सुल्तानपुर में रविवार को हुए सड़क हादसे में मृत तीन लोगों और मृत फौजी समेत चारों शव सोमवार सुबह गहिला-दुधैला व रुद्रपुर नगर पंचायत के भरटोला वार्ड स्थित उनके घर पहुंचे। शव पहुंचते ही स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। चीख-पुकार से गांव और मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया। घर के दरवाजे पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

गहिला-दुधैला निवासी रामसमुझ सिंह रविवार सुबह अपने छोटे भाई सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर चंडीगढ़ से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुल्तानपुर में उनकी एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

हादसे में रामसमुझ सिंह, सूबेदार सत्यवान सिंह के इकलौते पुत्र गौरव सिंह और उनके परिचित रुद्रपुर नगर पंचायत के भरटोला वार्ड निवासी भाजपा सभासद राजन चौधरी की मृत्यु हो गई। हादसे में एंबुलेंस चालक की भी मृत्यु हुई थी।

सोमवार को घर पहुंचा शव

सोमवार सुबह चारों शव घर पहुंचते ही स्वजन बेसुध हो गए। शव वाहन से उतारते ही करुण क्रंदन से माहौल दहल उठा। परिजनों की चीत्कार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात रहा।

मृतकों को सांत्वना देने पहुंचे कृषि मंत्री

शवों के घर पहुंचने की सूचना पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और एमएलसी रतनपाल सिंह मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल स्वजन को ढांढस बंधाया और कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और वह परिवार के साथ हैं। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री के पहुंचने के दौरान भी दरवाजे पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।

चारों तरफ चीख-पुकार से गमगीन हुआ माहौल

शव पहुंचने के बाद जैसे ही उन्हें वाहन से उतारा गया, चारों ओर करुण क्रंदन सुनाई देने लगा। मृतकों के स्वजन बिलखते रहे। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। माहौल इतना गमगीन था कि हर किसी की आंखें नम थीं।

वरुथनी रिवर फ्रंट पर होगा अंतिम संस्कार

चारों शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई है। वरुथनी रिवर फ्रंट के समीप विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए धीरे-धीरे रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ रिवर फ्रंट की ओर पहुंचने लगी। अपने प्रियजनों को खोने के गम में स्वजन उन्हें याद कर बिलखते रहे।

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