देवरिया में सोनूघाट-बरहज फोरलेन निर्माण में टेंडर बना रोड़ा, आठ माह की देरी से शुरू होगा काम
देवरिया में सोनूघाट-बरहज फोरलेन परियोजना टेंडर प्रक्रिया में लगातार बाधाओं के कारण आठ महीने से अधिक देरी से चल रही ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
सोनूघाट-बरहज फोरलेन टेंडर प्रक्रिया में फंसा।
परियोजना आठ महीने की देरी से शुरू होगी।
नवंबर में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, देवरिया। सोनूघाट-बरहज फोरलेन की राह में टेंडर प्रक्रिया ही सबसे बड़ा रोड़ा बन गई है। तीन बार टेंडर निरस्त होने के बाद अब लोक निर्माण विभाग चौथी बार प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। 27 अक्टूबर को टेक्निकल बिड खोलने की तैयारी है। इसके बाद फाइनेंशियल बिड और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग को नवंबर के दूसरे सप्ताह से निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में परियोजना का काम निर्धारित समय से करीब आठ माह की देरी से शुरू हो सकेगा।
नार्थ-साउथ कारिडोर से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पहली बार 23 फरवरी को टेंडर कराया गया था। इसमें प्रयागराज की एक कंपनी ने निर्धारित दर से करीब 24 प्रतिशत कम पर बोली लगाई थी। कंपनी को काम देने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बाद में टेंडर निरस्त करना पड़ा। इसके बाद 11 जून को दूसरी और तीन अगस्त को तीसरी बार ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों बार साफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण टेंडर निरस्त हो गया। अब चौथी बार प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है।
शासन ने 29 मार्च 2026 को परियोजना के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी थी। पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। निर्माण की जद में आने वाले करीब 3,500 पेड़ों में से लगभग 1,400 काटे जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण शुरू होने का इंतजार लंबा खिंच रहा है।
21.750 किलोमीटर सड़क होगी फोरलेन
सोनूघाट से बरहज तक 21.750 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाना है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई करीब सात मीटर है। परियोजना के तहत प्रत्येक लेन सात मीटर चौड़ी होगी और दोनों लेन के बीच दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा।
भारी वाहनों को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
फोरलेन बनने से सोनूघाट, बैरौना, गड़ेर, बारीपुर, भलुअनी, करुअना और बरहज बाजार के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वाराणसी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को भी राहत मिलेगी। फिलहाल सड़क खराब होने के कारण वाहन चालकों को बेलडाड़-देवरिया मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
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इससे पांच से 10 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। निर्माण पूरा होने पर समय और ईंधन दोनों की बचत होने की उम्मीद है। प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जेबी सिंह ने बताया कि चौथी बार टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
