देवरिया में रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के बाद सरकारी पोखरी की जमीन से हटा अवैध कब्जा, चला बुलडोजर
देवरिया में आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद राजस्व विभाग ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ ...और पढ़ें
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सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटवाता प्रशासन। जागरण
HighLights
आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद कार्रवाई।
राजस्व विभाग ने पोखरी की जमीन से अवैध कब्जा हटाया।
अवैध रूप से बोई गई धान की फसल बुलडोजर से नष्ट।
जागरण संवाददाता, देवरिया। आरएसएस के खंड समरसता प्रमुख रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वयंसेवक के बेटे की शिकायत पर राजस्व टीम ने पोखरी की जमीन का सीमांकन कराकर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया। कब्जे वाली जमीन पर बोई गई धान की फसल को भी बुलडोजर से नष्ट करा दिया गया। गुरुवार को अवैध कब्जा मुक्ति अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव निवासी रामेश्वर तिवारी की दो अक्टूबर को ब्रेकर बनाने के विवाद में पट्टीदारों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद उनके बेटे विकास तिवारी ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत का संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग ने चार अक्टूबर को टीम गठित कर संबंधित भूमि का मौके पर सीमांकन कराया।
राजस्व टीम ने पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में गाटा संख्या 28, 29ग, 33 और 35 का सीमांकन किया। राजस्व अभिलेखों की जांच में संबंधित गाटों में खाद के गड्ढे, बंजर, नवीन परती और पोखरी की भूमि दर्ज मिली। सीमांकन के दौरान गाटा संख्या 35 की कुल 0.178 हेक्टेयर भूमि पोखरी के रूप में दर्ज पाई गई। इसमें से 0.081 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर संजय पुत्र श्याम नारायण और वशिष्ठ नारायण पुत्र भभिकन की ओर से धान की फसल बोई गई थी।
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आठ अक्टूबर को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कार्रवाई करते हुए पोखरी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसके साथ ही कब्जे वाले हिस्से में खड़ी धान की फसल को बुलडोजर से नष्ट करा दिया गया। राजस्व विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में प्रशासन की सख्ती सामने आई है।
