6 गेंदों पर 6 छक्के मारने की खुशी मातम में बदली... पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसे ने छीने देवरिया के 4 चमकते सितारे
देवरिया के चार टेनिस बॉल क्रिकेट खिलाड़ियों की पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। लखनऊ ...और पढ़ें

बाएं से अनिकेत सिंह, आनंद, नित्या प्रजापति और इरफान की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
देवरिया के चार टेनिस बॉल क्रिकेट खिलाड़ियों की मौत।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लखनऊ से लौटते समय हुआ हादसा।
अनिकेत सिंह सहित युवा खिलाड़ियों ने गंवाई जान।
जागरण टीम, देवरिया। चुरिया गांव का अनिकेत सिंह क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं, अपना भविष्य मानता था। करीब पांच साल तक फतेहपुर एकेडमी में रहकर उसने क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। एकेडमी से बाहर निकला तो सामने कड़ी स्पर्धा थी। बड़े स्तर पर जगह बनाने की चुनौती और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उसने टेनिस बाल क्रिकेट को अपने खेल का माध्यम बनाया।
विभिन्न राज्यों में होने वाले टूर्नामेंटों में खेलकर वह अपनी पहचान बनाने और भविष्य संवारने में जुटा था। उसे क्या पता था कि लखनऊ का एक टूर्नामेंट उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। बुधवार की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में अनिकेत और उसके तीन साथियों की मृत्यु हो गई।
मृतकों में लार के कोहरा गांव निवासी आनंद यादव, मईल के बगहां गांव निवासी नित्या प्रजापति और बलिया उत्तर गांव के इरफान अंसारी शामिल हैं। इस भीषण हादसे में नेटुआबीर गांव के राजू यादव समेत तीन खिलाड़ी घायल हैं। चार परिवारों में क्रिकेट से जुड़े सपनों की जगह अब मातम है।

पांच साल एकेडमी में तराशा हुनर, फिर टेनिस बाल क्रिकेट को बनाया सहारा
अनिकेत दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। फतेहपुर एकेडमी में पांच साल तक प्रशिक्षण लेने के बाद वह गांव लौटे और क्रिकेट से जुड़े रहे। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में होने वाले टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेंटों में उन्होंने हिस्सा लिया। एकेडमी से निकलने के बाद हार्ड बाल क्रिकेट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने टेनिस बाल क्रिकेट के सहारे आगे बढ़ने का रास्ता बनाया।
उसका प्रयास था कि इस खेल से जुड़कर अपनी अलग पहचान बनाई जाए। पिता अमरजीत सिंह शराब की दुकान पर मुंशी हैं। मां रंभा देवी बीमार रहती हैं और देवरिया में उनका उपचार चल रहा है। छोटा भाई अंकित चाचा के साथ देवरिया शहर में रहकर पढ़ाई करता है।
अनिकेत के गांव में खेल की पुरानी परंपरा भी रही है। पूर्व खेल निदेशक आरपी सिंह और राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे स्वर्गीय राधामोहन यादव जैसे लोगों की उपलब्धियों से गांव के युवाओं को प्रेरणा मिलती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का सपना अनिकेत ने भी देखा था।

टेनिस क्जब देवरिया से जुड़े थे आनंद, खेल से नाम कमाने का था सपना
कोहरा गांव निवासी आनंद यादव देवरिया टेनिस क्लब टीम का हिस्सा थे। वह लगातार अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खेलने जाते थे। छोटे भाई अखिलेश के अनुसार, आनंद लखनऊ के एनई रेलवे मैदान में डीकेजी ग्रुप के टूर्नामेंट में खेलने गए थे।
परिवार में पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां बादामी देवी बेटे के लौटने की राह देख रही थीं, लेकिन उन्हें अभी तक हादसे की पूरी जानकारी नहीं है। बड़ा भाई चंद्रशेखर सऊदी अरब में रहता है, जबकि अखिलेश गांव पर रहते हैं। बहनें जूली और आंचल विवाहित हैं।
छह गेंदों पर छह छक्के, खुशी की खबर बन गई आखिरी याद
मईल थाना क्षेत्र के बगहां गांव निवासी 24 वर्षीय नित्या प्रजापति भी दोस्तों के साथ लखनऊ में टेनिस बाल क्रिकेट खेलने गए थे। मैच में छह गेंदों पर छह छक्के लगाने की खुशी उन्होंने गांव के दोस्तों से साझा की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी उपलब्धि बन जाएगी।
नित्या दो भाइयों में बड़े थे। तीन वर्ष पहले उनकी शादी हुई थी। पत्नी कृति और मां बिंदू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। अभी उनकी कोई संतान नहीं थी। बुधवार की सुबह थानाध्यक्ष ने पिता मनोज प्रजापति को हादसे की सूचना दी तो घर में चीख-पुकार मच गई।
दोस्तों के कहने पर लखनऊ गया इरफान, लौटकर नहीं आया
कार चला रहे मईल थाना क्षेत्र के बलिया उत्तर गांव निवासी 22 वर्षीय इरफान अंसारी दोस्तों के कहने पर चार अक्टूबर को लखनऊ क्रिकेट खेलने गए थे। मैच के बाद सभी खुशी-खुशी घर लौट रहे थे, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। इंटर के बाद इरफान भागलपुर में कंप्यूटर कोर्स कर रहे थे और आसपास के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों में भी टेनिस बाल क्रिकेट खेलने जाते थे।

उनका सपना बड़ा खिलाड़ी बनकर परिवार का नाम रोशन करना था। पिता इश्तियाक अहमद दुबई में रहते हैं। मां हसीना खातून और तीन छोटे भाई इमरान, अब्दुल व आजम घर पर इरफान के लौटने का इंतजार कर रहे थे। घर में भाई की जगह मौत की खबर पहुंची तो चीख-पुकार मच गई।
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हादसे से बच गए राजू, साथियों की मौत का दर्द
खामपार थाना क्षेत्र के ततायर बुजुर्ग के नेटुआबीर गांव निवासी राजू यादव भी इसी सफर में थे। हादसे में वह घायल होकर बच गए, लेकिन उनके साथ सफर कर रहे चार खिलाड़ियों की जान चली गई। राजू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी मां को अभी हादसे की जानकारी नहीं दी गई है। बड़ा भाई इंद्रजीत अस्पताल के लिए रवाना हो गया है।
राजू टेनिस बाल क्रिकेट के होनहार खिलाड़ी हैं।बुधवार की सुबह लखनऊ से देवरिया लौटते समय अर्टिगा कार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे ने अनिकेत समेत चार खिलाड़ियों की जिंदगी छीन ली, जबकि राजू समेत तीन घायल हो गए।
