लखनऊ से मैच जीतकर लौट रहे थे देवरिया के क्रिकेटर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक से टकराई कार; तीन की मौत
लखनऊ से टूर्नामेंट खेलकर लौट रहे देवरिया के तीन होनहार क्रिकेट खिलाड़ी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे का शिकार हो ...और पढ़ें

रोते बिलखते परिजन। जागरण
HighLights
लखनऊ से लौट रहे तीन होनहार क्रिकेट खिलाड़ी हादसे का शिकार।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण टक्कर में तीनों की दर्दनाक मौत।
आनंद, अनिकेत और नित्य के देश के लिए खेलने का सपना टूटा।
जागरण संवाददाता, देवरिया। क्रिकेट की पिच पर बड़ा मुकाम हासिल करने और देश के लिए खेलने का सपना संजोए तीन होनहार खिलाड़ी बुधवार की भोर जिंदगी की पारी हार गए। लार के कोहरा गांव निवासी आनंद यादव और चुरिया गांव निवासी अनिकेत सिंह तथा मईल निवासी नित्य प्रजापति लखनऊ में टूर्नामेंट खेलकर लौट रहे थे। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे ने तीनों के परिवारों से उनके सपनों का सहारा छीन लिया। इस हादसे में तीन खिलाड़ी घायल हैं। इनमें नेटुआबीर गांव के रहने वाले राजू यादव भी शामिल हैं।
जिला टीम का हिस्सा थे आनंद, देश के लिए खेलने की थी चाहत
कोहरा गांव निवासी आनंद यादव क्रिकेट के प्रति जुनूनी थे। वह देवरिया की जिला स्तरीय टीम से खेलते थे और लगातार बेहतर प्रदर्शन कर आगे बढ़ने की कोशिश में जुटे थे। छोटे भाई अखिलेश के अनुसार, आनंद लखनऊ के एनई रेलवे मैदान में डीकेजी ग्रुप की ओर से आयोजित टूर्नामेंट में खेलने गए थे। इसके अलावा वह गैर जनपदों में भी क्रिकेट मैच खेलने जाते थे।

फाइल फोटो नित्या प्रजापति।जागरण
आनंद तीन भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर थे। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। बड़ा भाई चंद्रशेखर सऊदी अरब में रहता है, जबकि छोटा भाई अखिलेश गांव पर रहता है। बहनें जूली और आंचल की शादी हो चुकी है। घर पर मां बादामी देवी हैं। बेटे की मौत की खबर से अनजान मां के घर पर हादसे के बाद से सन्नाटा पसरा है। छोटा भाई अखिलेश ग्रामीणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।
पांच साल फतेहपुर एकेडमी में तराशा हुनर
चुरिया गांव निवासी अनिकेत सिंह ने भी क्रिकेट को ही अपना सपना बनाया था। करीब पांच वर्ष तक फतेहपुर एकेडमी में रहकर उन्होंने क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद गांव लौटे और खेल को जारी रखा। वह दूर-दराज के जिलों में होने वाले मैचों में हिस्सा लेते थे और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग कर चुके थे।
अनिकेत दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। पिता अमरजीत सिंह शराब की दुकान पर मुंशी का काम करते हैं। मां रंभा देवी बीमार हैं और देवरिया में उनका उपचार चल रहा है। छोटा भाई अंकित अपने चाचा के साथ देवरिया शहर में रहकर पढ़ाई करता है। हादसे के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था।
एक साथ टूटा कई परिवारों का सहारा
लखनऊ से टूर्नामेंट खेलकर देवरिया लौट रहे खिलाड़ियों की कार बुधवार भोर सुलतानपुर के बल्दीराय क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक में पीछे से घुस गई। हादसे में नित्या प्रजापति, अनिकेत सिंह और आनंद यादव की मौत हो गई, हादसे की खबर गांवों तक पहुंचते ही ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचने लगे। अनिकेत के पिता घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं और आजमगढ़ से आगे पहुंच गए थे।
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आनंद के परिवार में भी पुरुष सदस्य घटनास्थल की ओर निकल गए। दोनों परिवारों की महिलाओं को उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को देखते हुए अभी हादसे की मनहूस खबर नहीं दी गई है। गांवों में हर कोई अपनों को संभालने और परिवार को इस कठिन घड़ी में सहारा देने में जुटा है।
