देवरिया : राज्य नगरीय विकास अभिकरण के तहत शहरी गरीबों के लिए बनी आसरा आवास योजना शासन के दांवपेंच में उलझ कर रह गई है। योजना की पहल के एक साल बाद भी गरीब आवास की बाट जोह रहे हैं। हालांकि नगर पंचायत द्वारा अस्सी लोगों को योजना के तहत चिन्हित कर शासन को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है, लेकिन प्रगति शून्य है।

नगर पंचायत रामपुर कारखाना में नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शासन से आसरा आवास योजना अंतर्गत इन-सी-2 आवास निर्माण कराए जाने के लिए राज्य नगरीय विकास अभिकरण द्वारा जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया। पत्र में बताया गया है कि नगर में रहने वाले अल्पसंख्यक बहुल तथा मलिन बस्तियों में निवास कर रहे शहरी गरीबों को आसरा योजना के तहत लाभान्वित किया जाना है। इसके तहत राज्य नगरीय विकास अभिकरण निदेशक श्रीप्रकाश सिंह ने नौ सितंबर 2014 को पत्र जारी कर डीपीआर तैयार करने को आदेश दिया। नगर पंचायत रामपुर कारखाना द्वारा आदेश के क्रम में वार्ड नम्बर 1 से 9, 2 से 12, 3 से 9, 4 से 5, 5 से 17, 6 से 5, 7 से 13, 8 से 2, 9 से 4, 10 से 4 कुल अस्सी पात्रों को चिन्हित कर लाभार्थियों को फोटो खींच कर सर्वे कराया गया। सर्वे रिपोर्ट 21 नवंबर 2014 को शासन को भेजी गई, लेकिन अभी तक ठोस पहल न होने के कारण गरीबों को आवास नहीं मिल पा रहा है।

इस संबंध में अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत रामपुर कारखाना जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिन पात्रों की रिपोर्ट भेजी गई थी। अब शासन द्वारा चिन्हित लाभार्थियों से भूमि के पंजीकृत कागजात मांगे जा रहे हैं, जिससे दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं।