जागरण संवाददाता, चित्रकूट : बाल अधिकार संरक्षण आयोग अनीता अग्रवाल ने कहा कि राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद 12 बच्चों पर बहुत कम मामले दर्ज है। इन बच्चों को रिहा किया जाएगा। वह बुधवार को जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड, पोषण पुनर्वास केंद्र, राजकीय संप्रेक्षण गृह, कस्तूरबा गांधी विद्यालय शिवरामपुर व वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।

उन्होंने बताया कि संप्रेक्षण गृह में बच्चों से खान ठीक मिल रहा है। 12 बच्चे ऐसे हैं जिनके ऊपर केश कम हैं। बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि इनके माता-पिता से संपर्क कर रिहा कराने की व्यवस्था करें। जिला अस्पताल के में साफ सफाई अच्छी पाई गई। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बच्चों से पठन-पाठन खानपान ठहरने आदि सभी व्यवस्थाओं की जानकारी की। बीएसए को निर्देश दिए कि बच्चों को कोई समस्या न हो। चाइल्ड लाइन ने जिन बच्चों की सूची दी है उन्हें आश्रम पद्धति व कस्तूरबा विद्यालय में दाखिला करा कर शिक्षा ग्रहण कराई जाए। वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी राम बाबू विश्वकर्मा ने बताया कि नया वन स्टॉप सेंटर का निर्माण हो रहा है। अनाथ बच्चों के भी पढ़ने लिखने की व्यवस्था कराई जा रही है। निरीक्षण के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बच्चों के संरक्षण के बारे में जानकारी की। कितने विद्यालय संचालित हैं श्रम विभाग में कितने बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में जनपद में काफी विकास कार्य किए गए हैं जिसमें बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, सड़कों के निर्माण, हर घर नल योजना, पर्यटन विकास आदि शामिल हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी मऊ सुबोध कुमार गौतम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दुष्यंत कुमार, बीएसए राजीव रंजन मिश्र, जिला सूचना अधिकारी सुरेंद्र कुमार, मीनू सिंह रही।

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