चंदौली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश तथा बिहार बॉर्डर के एक गांव पर आज साल का पहला दिन काफी भारी पड़ गया। तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होने के बाद एक झोपड़ी में घुस गया, जिससे सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

चंदौली के इलिया थाना क्षेत्र के मालदह गांव में आज तड़के पशुओं से लदी डीसीएम अनियंत्रित होकर झोपड़ी में जा घुसी। इस जबरदस्त हादसे में चार महिलाएं समेत सात की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। इसके बाद पथराव के कारण पुलिस पीछे हट गई। जिलाधिकारी ने सभी मृतकों के परिवारवालों को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की है। डीएम ने कहा कि मृतकों के परिवारवालों को आवासीय पट्टा भी दिया जाएगा। 

यूपी- बिहार के बॉर्डर पर चंदौली के मालदह गांव में सड़क किनारे कल्लू राम का परिवार झोपड़ी में रहता था। कल रात परिवार के सात लोग झोपड़ी में सो रहे थे। रात में उधर से पशुओं से भरी डीसीएम गुजरी। इसके बाद यूपी 100 डायल के पुलिसकर्मियों ने गाड़ी का पीछा कर लिया। डीसीएम चालक ने गाड़ी की रफ्तार तेज की तो उसका स्टेयरिंग से नियंत्रण छूट गया। ऐसे में डीसीएम सड़क किनारे लगे विद्युत खंबे को तोड़ती हुई झोपड़ी में जा घुसी।

इस बड़े हादसे में रामकिशुन( 25 ), सुहागिन (22), गोलू (8 ), निशा (10), मोनी (6), मोलू (5), सामा देवी (60) की मौत हो गई। घर के मुखिया कल्लू राम सिवान में सोए थे, जिससे उनकी जान बच गई। जानकारी के मुताबिक कल्लू के परिवार में उनके अलावा कमाने को बाहर रह रहा एक पुत्र तथा उसकी पत्नी ही रह गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पशु तस्करी की पूर्व में सूचना के बाद भी पुलिस की तन्द्रा नहीं टूटी। सनसनीखेज हादसे की भनक लगते ही इलाकाई पुलिस मौके पर जा पहुंची। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने इलाकाई पुलिस वालों को हटा दिया है। जिले से भारी फ़ोर्स भेजी गई है।

पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश देख पीछे हट गई। डीसीएम में दो दर्जन पशु बेतरतीब तरीके से बांधकर डाले गए थे। हादसे के बाद चालक भाग निकला। हालात को भांपते हुए एएसपी नक्सल वीरेंद्र यादव, एसडीएम दीप्ति देव भारी फोर्स के साथ मौके पर मौजूद हैं। ग्रामीण जिलाधिकारी के पहुंचने का इन्तजार कर रहे हैं। 

जिलाधिकारी ने की बड़ी कार्रवाई 

सात मौतों से नाराज जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पब्लिक के आक्रोश को देखते हुए इलिया इंस्पेक्टर नागेन्द्र प्रताप सिंह, इलिया चौकी प्रभारी अशोक यादव, इलाके में तैनात सिपाहियों को निलम्बित एवं चकिया कोतवाल अश्वनी चौबे को लाइन हाजिर कर दिया है। सीओ कुंवर प्रभात सिंह के खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाएगा। यह कार्रवाई भी नाकाफी  बताई जा रही है, क्योंकि पुलिस प्रशासन पशु तस्करी के बारे में जानकर भी उसे रोकने में नाकाम रहा।

Posted By: Dharmendra Pandey

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