जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली) : बालश्रम के लिए महाराष्ट्र जा रहे चार किशोर मंगलवार की रात जंक्शन पर मिले। सभी ट्रेन पकड़कर पुणे जाने की फिराक में थे। गश्त के दौरान चाइल्ड लाइन के सदस्यों की उन पर नजर पड़ी। दो पीडीडीयू नगर, एक भभुआ व एक अहरौरा का निवासी है। बुधवार को अलीनगर स्थित बाल न्यायालय कार्यालय में परिजनों को बुलाया गया और सभी को उनके सुपुर्द कर दिया गया। चाइल्ड लाइन के सुंदर सिंह व चंदा जंक्शन पर भ्रमण कर रहे थे। रात लगभग दो बजे पटना से पुणे जा रही ट्रेन में चार नाबालिग किशोर चढ़ते हुए दिखाई दिए। सदस्यों ने उन्हें ट्रेन में चढ़ने से रोका और पूछताछ शुरू की। 15 से लेकर 17 साल के चारों किशोरों ने बालश्रम के लिए पुणे जाने की बात बताई। टीम उन्हें लेकर चाइल्ड लाइन कार्यालय पहुंची। अगले दिन सभी को अलीनगर स्थित बाल न्यायालय में पहुंचाया गया। उनके द्वारा बताए गए पते के आधार पर परिजनों को बुलवाया गया। इंद्रजीत शर्मा ने बताया कि सभी बाल मजदूरी करने के लिए जा रहा थे। सभी को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही परिजनों को हिदायत दी गई है कि दोबारा बच्चों को बालश्रम के लिए न भेजें। बताया कि नगर सहित आसपास इलाकों के नाबालिग बच्चे बहला फुसलाकर बड़े महानगरों में काम के लिए ले जाया जाता है। चाइल्ड लाइन बाल मजदूरी रोकने के लिए प्रयास कर रही है। आराधना गुप्ता, दिनेश शर्मा उपस्थित रहे।