कंपनियों का बकाया भुगतान दिलाएगी काउंसिल
जागरण संवाददाता चंदौली एमएसएमई (माइक्रो स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) योजना के तहत जिल

जागरण संवाददाता, चंदौली : एमएसएमई (माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) योजना के तहत जिले में संचालित कंपनी संचालकों को भुगतान के लिए अब चक्कर नहीं काटने होंगे। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए मंडलीय फैसिलिटेशन काउंसिल की स्थापना की गई है। उद्यमियों को इसके लिए एमएसएमई समाधान पोर्टल पर शिकायत करनी होगी। काउंसिल इसको संज्ञान लेते हुए बकाएदार फर्म से संपर्क करेगी। दोनों पक्षों से वार्ता के बाद जो भी जायज भुगतान होगा, कंपनी को दिलाया जाएगा। पहल से उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी। एमएसएमई के तहत खाद्य पदार्थ, तेल, दोना-पत्तल, वाटर प्लांट, फ्लोर मिल आदि औद्योगिक इकाइयां संचालित की जाती हैं। कंपनियां सरकारी दफ्तरों व फर्मों को सामान की आपूर्ति करती हैं। हालांकि कई फर्मों और सरकारी दफ्तरों की ओर से कंपनियों को भुगतान में आनाकानी की जाती है। ऐसे में भुगतान अटक जाता है। इसको लेकर बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे समस्या होती है। वहीं घाटे की वजह से कंपनियों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगता है। इसको लेकर शिकायतें उद्योग विभाग तक पहुंचती हैं। ऐसे में विभाग ने समस्या के समाधान के लिए पहल की है। मंडल स्तर पर फैसिलिटेशन काउंसिल की स्थापना की गई है। संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में गठित काउंसिल भुगतान से जुड़े मामलों का निस्तारण कराएगी। इसके लिए उद्यमियों को एमएसएमई समाधान पोर्टल पर आनलाइन शिकायत करनी होगी। इसमें संबंधित मामले का पूरा उल्लेख करना होगा। काउंसिल शिकायतकर्ता व दूसरे पक्ष से वार्ता कर व्यापारियों का बकाया भुगतान कराएगी। 'एमएसएमई इकाइयों के भुगतान के मामलों के निस्तारण के लिए मंडलीय फैसिलिटेशन काउंसिल की स्थापना की गई है। इस तरह की समस्या से जूझ रहे व्यापारी समाधान पोर्टल पर आनलाइन शिकायत कर सकते हैं। काउंसिल सभी पहलुओं पर विचार कर मामलों का निस्तारण कराएगी।
गौरव मिश्रा, उपायुक्त, उद्योग
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।