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डीआरएम ने देर रात्रि रियल टाइम देखी फुट पेट्रोलिंग व पासिंग ट्रेनों की जांची रफ्तार

By vivek dubeEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 28 Nov 2025 11:47 AM (GMT+05:30)

रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना यात्री सुविधा व ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन पर पूरा जोर दिए हैं। उन्होंने मंडल के ...और पढ़ें

डीआरएम ने वेटिंग हॉल आरक्षण बिल्डिंग, यातायात व सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की।

डीआरएम ने वेटिंग हॉल आरक्षण बिल्डिंग, यातायात व सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की।

HighLights

  1. डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण

  2. फुट पेट्रोलिंग की रियल टाइम निगरानी

  3. ट्रेनों की गति का परीक्षण

जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना यात्री सुविधा व ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन पर पूरा जोर दिए हैं। उन्होंने मंडल के अधिकारी व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया है कि अगर इसमें लापरवाही हुई तो कार्रवाई तय है। इसी क्रम में गुरुवार की रात लगभग 11:10 पर वो बिना किसी को बताए डीडीयू जंक्शन पहुंच गए।

इसके बाद उन्होंने प्लेटफार्म तीन पर डाउन की 12398 महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन में खड़े हो गए। महाबोधि रात्रि 11:25 पर जंक्शन से खुल गई। वो रात लगभग 12:49 सासाराम स्टेशन पर पहुंची। मंडल में शीतकालीन मौसम के दौरान संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित रखने के लिए सतर्कता व कार्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।डीआरएम ने रात में डीडीयू-सासाराम रेलखंड पर औचक रात्रिकालीन फुटप्लेट निरीक्षण किया गया। उन्होंने दो ट्रेनों के इंजन में लोको पायलट के साथ फुटप्लेट निरीक्षण किया गया।

रात लगभग 11:25 बजे से ट्रेन 12398 नई दिल्ली-गया महाबोधि एक्स्प्रेस पर डीडीयू से सासाराम तक फुटप्लेट निरीक्षण किया गया। इसके बाद रात में ही लगभग 01:23 बजे से ट्रेन संख्या 12942 आसनसोल- भावनगर पारसनाथ एक्स्प्रेस पर सासाराम से डीडीयू तक फुटप्लेट निरीक्षण किया गया। इन निरीक्षण के बीच मंडल रेल प्रबंधक ने सासाराम स्टेशन पर निरीक्षण कर स्टाफ की तैनाती, सजगता व सतर्कता, कार्यप्रणाली और रेल संचालन की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि क्रू सतर्क थे और सिगनलों का उचित कॉल-आउट कर रहे थे। पीला संकेत मिलने के बाद प्रतिबंधित गति का पालन किया गया तथा सहायक लोको पायलट द्वारा भी लगातार संबंधित संकेतों की घोषणा की गई। स्टेशन स्टाफ और ट्रेन संचालन स्टाफ के बीच ऑलराइट का आदान-प्रदान सही तरीके से किया गया। शीतकालीन मौसम गश्ती दल भी सक्रिय पाया गया। निरीक्षण में संरक्षा, सिगनलों की दृश्यता, ट्रैक की स्थिति, ओवरहेड ट्रैक्शन, कॉशन ऑर्डर पालन तथा स्टेशन एवं लेवल क्रॉसिंग पर सिगनल एक्सचेंज की प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।

उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी कार्य संरक्षा मानकों के अनुरूप हों और क्रू सदैव सजगता से कार्य करें। मंडल रेल प्रबंधक द्वारा सभी को संरक्षा को सदैव सर्वोपरि रखते हुए सुचारू रेल परिचालन सुनिश्चित रखने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय वरीय मंडल विद्युत अभियंता परिचालन वीरेन्द्र यादव व संबंधित अन्य उपस्थित रहे। इसके बाद वो सासाराम से रात्रि 1:20 पर 12942 पारसनाथ एक्सप्रेस से 2:46 पर डीडीयू जंक्शन पहुंच गए।

धुंध में ट्रेनों के परिचनल पर अलर्ट, लोको पायलटों से संवाद

सर्दी में कोहरा पड़ने से सुरक्षित ट्रेन परिचालन बड़ी चुनौती होती है। ट्रेनों की गति बाधित न हो इसके लिए मातम तरह के सुरक्षा यंत्रो का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए डीआरएम उदय सिंह मीना ने आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है। इसकी जांच के लिए वो इंजन में खड़े होकर इंजन में फाॅग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) की जांच की। बता दें कि यह उपकरण लोको पायलट को सिग्नल आने से पहले सतर्क कर देता है। घना कोहरा होने के कारण लोको पायलट को सिग्नल देखने में परेशानी होती है। इससे ट्रेन की गति धीमी करनी पड़ती है। इस स्थिति में सुरक्षित ट्रेन परिचालन में एफएसडी से मदद मिलती है। इसमें एक छोटा सा डिस्प्ले (टैबलेट जैसा) लोको पायलट के केबिन में लगा होता है। इसमें रेलखंड का जीपीएस मैप पहले से फीड होता है। प्रत्येक सिग्नल, व्हिसल बोर्ड, लेवल क्रासिंग, प्रतिबंधित गति वाले स्थान की पूरी जानकारी रहती है।