चंदौली में महिलाओं को नहीं होगी परेशानी, एमसीएच विंग में शिफ्ट होगा स्त्री व प्रसूति रोग विभाग
चंदौली जिला अस्पताल का चिकित्सा महाविद्यालय में विलय होने जा रहा है। स्त्री व प्रसूति रोग विभाग को मातृ-शिशु स्वास्थ्य विंग में स्थानांतरित किया जाएगा जहां प्रतिदिन 450 से अधिक महिला मरीज आती हैं। महाविद्यालय प्रशासन तीन महीने में व्यवस्था पूरी करने का दावा कर रहा है। बाल रोग विभाग को भी एमसीएच विंग में शिफ्ट किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, चंदौली। जिला अस्पताल की संबद्धता वर्तमान वित्तीय वर्ष में समाप्त हो रही। यहां की सभी सेवाएं चिकित्सा महाविद्यालय के भवन में स्थानांतरित की जा रहीं हैं। इसमें संचालित स्त्री व प्रसूति रोग विभाग को मातृ-शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग में शिफ्ट कराया जाएगा, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो।
इस विभाग में की ओपीडी में रोजाना 450 से अधिक नई व पुरानी महिला मरीज उपचार व सलाह के लिए आतीं हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने महिलाओं के उपचार व सर्जरी की सुविधा को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
विंग में इस विभाग की ओपीडी के साथ ही आपरेशन थिएटर भी होगा। महाविद्यालय प्रशासन ने तीन माह के अंदर इस व्यवस्था को पूर्ण करा लेने का दावा किया है। जिला अस्पताल में फिलहाल इस विभाग के अतिरिक्त मानसिक रोग व दंत चिकित्सा विभाग की ओपीडी संचालित की जा रही। मरीजों की बढ़ती संख्या की तुलना में यहां भीड़ तो लगती ही है, संसाधन भी कम पड़ जा रहें हैं।
आए दिन अस्पताल प्रबंधन व तीमारदारों के बीच किचकिच की नौबत उत्पन्न हो जा रही। इसको देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों के साथ उनकी सेवाओं को खुद के भवन से संचालित कराने की दिशा में कार्य आरंभ कर दिया है। मेडिसिन, नाक, कान व गला, नेत्र रोग, त्वचा रोग, बाल रोग, अस्थि रोग व जनरल सर्जरी विभाग को अभी तक शिफ्ट कराकर सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। लेकिन, आने वाले दिनों में बाल रोग विभाग को भी एमसीएच विंग में ही शिफ्ट कराया जाएगा।
इस भवन में होगी दंत, नेत्र व मनो चिकित्सा की ओपीडी
मार्च 2026 के अंत तक जिला अस्पताल का विलय चिकित्सा महाविद्यालय में करा लिया जाएगा। इसके बाद अस्पताल में वर्तमान समय में तैनात 16 चिकित्सक व 13 स्टाफ नर्स को सीएमओ जरूरत के अनुसार तैनात करेंगे। महाविद्यालय प्रशासन इसके ओपीडी कक्षों का उपयोग आफिस व अन्य कार्यों के लिए करेगा। पूर्व की तरह 100 शैय्या का उपयोग महाविद्यालय प्रशासन नेत्र, दंत व मनो रोगियों को भर्ती करने के लिए करेगा। इन विभागों को भी इसी बिल्डिंग में संचालित किया जाएगा। फिलहाल विभिन्न विभागों को इसमें से हटा कर अपग्रेड करने की योजना पर काम चल रहा है।
अब नवनिर्मित भवन में भर्ती होंगे मरीज
महाविद्यालय के अस्पताल के लिए छह मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है। इस नवनिर्मित भवन को हस्तानांतरित कर दिया है। 330 शैय्यायुक्त इस भवन में मरीज भर्ती किए जाएंगे। भूतल के वार्ड में इमरजेंसी में आने वाले मरीज गुरुवार से भर्ती किए जाने लगे हैं।
उप प्राचार्य बोलीं, महिला संग चलेगा बाल रोग विभाग
उप प्राचार्य डा. नैंसी पारुल ने बाताया कि जिला अस्पताल की बिल्डिंग अपग्रेड होगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही। आने वाले दिनों में इस बिल्डिंग में नेत्र रोग, दंत चिकित्सा व मानसिक रोग विभाग को संचालित कराया जाएगा। इसके अलावा आफिस के लिए भी इसके कमरों का उपयोग किया जाना है।
एमसीएच विंग में महिला व बाल रोग की ओपीडी व सर्जरी एक साथ संचालित होगी।
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