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    Chandauli News: मोबाइल एप के माध्यम से बेजुबानों में होने वाले रोग से जागरूक होंगे पशुपालक, बढ़ेगा उत्पादन

    By Ashwani ChaurasiaEdited By: Shivam Yadav
    Updated: Sat, 29 Oct 2022 06:37 AM (IST)

    जिले में 6.62 लाख बेजुबानों का मौजूदा समय में पालन किया जा रहा है। सरकार अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए बढ़ाने के प्रतिबद्ध है। 2022 तक सरकार का अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। इसको लेकर नए कार्यक्रम सुधार किए जा रहे हैं।

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    पशुपालन के लिए शासन तरह-तरह का जतन कर रहा है।

    चंदौली,  जागरण संवाददाता। पशुपालन के लिए शासन तरह-तरह का जतन कर रहा है। इसे कृषि से जोड़कर अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने की सरकार ने तैयारी की है। अब दुग्ध उत्पादन के साथ पशुओं में होने वाले रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने ई-गोपाला एप लांच किया है। मकसद, अन्नदाताओं व पशुपालकों को टीके, रोग व उपचार आदि की जानकारी इसके जरिए देकर बेजुबानों की सेहत स्वस्थ रखी जाएगी। 

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    इसके अलावा व्यापक नस्ल सुधार की सूचना एप पर अपलोड होने से दुग्ध की धारा बहेगी। जिले में 6.62 लाख बेजुबानों का मौजूदा समय में पालन किया जा रहा है। सरकार अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए बढ़ाने के प्रतिबद्ध है। 2022 तक सरकार का अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। इसको लेकर नए कार्यक्रम सुधार किए जा रहे हैं। 

    घर बैठे ही पशुओं की खरीद-फरोख्त

    केंद्र सरकार व पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने संयुक्त रूप से अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के साथ उनकी सेहत सुधारने के लिए ई-गोपाला एप लांच किया है। एप के माध्यम से अन्नदाता अथवा पशुपालक घर बैठे ही अच्छी नस्ल के पशुओं की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। इससे जहां दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, वहीं जागरुकता के अभाव में पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकेगा। 

    जानकारी मिलने से पशुपालन में सहूलियत

    एप से व्यापक नस्ल सुधार व बाजार की जानकारी मिलने से पशुपालन में सहूलियत होगी। अच्छी नस्ल के पशुओं का पालन कर अन्नदाता व पशुपालक अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। पशुपालन एवं डेयरी विभाग इस एप का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएगा। पशुपालक अपनी एंड्राइड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

    एप से मिलने वाली सुविधाएं

    ई-गोपाला एप को डाउनलोड करने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से अपना रजिस्ट्रेशन करने पर पोर्टल पर छह विकल्प पशु पोषण, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, मेरा पशु- मेरा आधार, अलर्ट आयोजन एवं पशु बाजार नामक सुविधा उपलब्ध होगी। यहां पशु पोषण के तहत उनके आहार संबंधी समस्त जानकारियां मिलेंगी।

    आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की मिलेगी जानकारी

    इस एप पर पशुओं के आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोग व उपचार की जानकारी मिलेगी। अलर्ट विकल्प से पशुओं के टीकाकरण संबंधी जानकारी होगी। नजदीक टीकाकरण कैंप व ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसमें कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।

    मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का कथन

    पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। ई-गोपाला एप पशुपालकों के लिए वरदान साबित होगा। इससे पशु रोग मुक्त रहेंगे। पशुधन को बढ़ावा के साथ दुग्ध उत्पादन भी बढ़ जाएगा। 

    -डा. एके वैश्य , मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।