Bulandshahar: गांव में वर्चस्व की लड़ाई की राजनीति में फंसे सांसद महेश शर्मा
सांसद का गांव में प्रधान के यहां विकसित भारत संकल्प यात्रा का कार्यक्रम था। प्रधान उनकी गाड़ी में बैठे थे जब आयोजन स्थल की तरफ गाड़ियों का काफिला बढ़ रहा था तो पूर्व प्रधान सील सिंह और उनके समर्थक भी वहां आ गए। वह सांसद का स्वागत करना चाहते थे। वर्तमान प्रधान ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों के समर्थकों के बीच आपस में कहा सुनी होने लगी।
संवाद सूत्र, ककोड़। बुलंदशहर की सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र के सुनपेड़ा गांव में शुक्रवार को भारत विकसित संकल्प यात्रा के कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच वर्चस्व की राजनीति के बीच फंस गए।
सांसद का गांव में प्रधान के यहां विकसित भारत संकल्प यात्रा का कार्यक्रम था। प्रधान उनकी गाड़ी में बैठे थे, जब आयोजन स्थल की तरफ गाड़ियों का काफिला बढ़ रहा था तो पूर्व प्रधान सील सिंह और उनके समर्थक भी वहां आ गए। वह सांसद का स्वागत करना चाहते थे।
वर्तमान प्रधान ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों के समर्थकों के बीच आपस में कहा सुनी होने लगी। ठाकुर बाहुल्य सुनपेड़ा गांव के दोनों ही प्रधान और पूर्व प्रधान सांसद महेश शर्मा और भाजपा के समर्थक हैं। उनके पहुंचने से पहले ही दोनों प्रधानों के समर्थकों के आपस में भिड़ जाने से सांसद पशोपेश में पड़ गए। उनकी समझ में नहीं आया कि वह किस प्रधान की तरफ जाए और किसकी तरफ ना जाए।
हालांकि उनकी गाड़ी पहुंचने से पहले ही वर्तमान प्रधान के समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, इससे वहां माहौल गर्मा गया। प्रधान के समर्थक दूसरे पूर्व प्रधान के यहां सासंद क्यों रुके, इससे नाराज थे। जबकि वर्तमान प्रधान उन्हीं की गाड़ी में सवार थे।
प्रधान हरवीर सिंह ने अपने समर्थकों को समझाया और वीडियो प्रसारित कर कहा की महेश शर्मा हमारे सांसद हैं उनका गांव में कोई विरोध नहीं है सिर्फ दो जगह कार्यक्रम होने को लेकर समर्थकों के बीच नारेबाजी हो गई थी हम सब सांसद महेश शर्मा के साथ हैं
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