अनियंत्रित होकर खाई में पलटा ट्रैक्टर, 11वीं के छात्रा की दबकर मौत; साथी गंभीर रूप से घायल
नगीना में हरिद्वार-काशीपुर हाईवे पर ट्रैक्टर के खाई में पलटने से एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक आशीष जो सात बहनों का इकलौता भाई था ट्रैक्टर को वर्कशॉप ले जा रहा था तभी यह हादसा हुआ। इस घटना में उसका एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। आशीष की असामयिक मृत्यु से परिवार में मातम छा गया है।

संवाद सूत्र, नगीना। सोमवार की सुबह वर्कशॉप ले जाते समय हरिद्वार-काशीपुर हाईवे पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को किसी प्रकार ट्रैक्टर के नीचे से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक एक युवक की मौत हो चुकी थी। मृतक अपनी सात बहनों को इकलौता भाई था और घर में सबसे छोटा था। युवक की मौत से स्वजन में कोहराम मच गया।
नगर की काली मूर्ति आंबेडकर कालोनी निवासी 18 वर्षीय आशीष सैनी पुत्र मुन्नू सैनी इस बार कस्बे के ही इंटर कालेज में 11वीं का छात्र था। आशीष को ट्रैक्टर चलाने के साथ मरम्मत का भी शौक था। आशीष ने अपने चचेरे भाई सुरेंद्र सैनी के साथ मिलकर क्षेत्र के गांव रोशनपुर में एक वर्कशाप भी खोल रखी है। रविवार की देर शाम एक ग्रामीण अपना ट्रैक्टर आशीष के घर पर ट्रैक्टर मरमत के लिए छाेड़कर गया था। सोमवार की सुबह आशीष ट्रैक्टर की मरम्मत के लिए अपने एक साथी गांव रहमापुर निवासी अनुज के साथ वर्कशाप के लिए लेकर चला।
जैसे ही दोनों ट्रैक्टर काशीपुर-हरिद्वार हाईवे-734 पर गांव हरगांव चांदन के अंडरपास के पास पहुंचा तो अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। किशोर और युवक ट्रैक्टर के नीचे दब गया। मौके पर आए राहगीरों ने किसी प्रकार दोनों काे ट्रैक्टर के नीचे से निकाला। लेकिन तब तक आशीष की मौत हो चुकी थी। जबकि अनुज गंभीर रूप से घायल था।
अनुज को गंभीर हालत में सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए जिला मेडिकल कालेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उधर, घटना की जानकारी जैसे ही स्वजन को मिली कोहराम मच गया। ग्रामीणों के साथ स्वजन मौके पर पहुंचे और बेहाल हो गए। उपनिरीक्षक गजेंद्र उज्जवल ने बताया कि स्वजन पोस्टमार्टम कराने पर सहमत नहीं थे, लिखित अनुरोध के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सात बहनों को खोया भाई
आशीष के पिता मुन्नू सैनी मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन करते हैं। आशीष भी ट्रैक्टर की मरम्मत कर पिता का सहयोग करता था। मुन्ने के घर पर सात पुत्रियों के बाद आशीष का जन्म हुआ था। आशीष घर में सबसे छोटा था और सभी का दुलारा था। अचानक हादसे में हुई मौके बाद बहनों का हाल-बेहाल हो गया। ग्रामीणों ने विलाप करती बहनों का संभालने का प्रयास किया।
एक बहन की हुई शादी, पति की हो गई मौत
आशीष की सबसे बड़ी बहन की कुछ दिन पहले शादी हुई थी। लेकिन उसके पति की मौत हो गई। जिसके बाद परिवार में काफी समय तक मातम का माहौल रहा। अभी परिवार ने संभलना शुरू किया था कि आशीष की मौत ने सब कुछ बिखेर दिया।
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