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    यूपी के इस इलाके में महिला ने चलती बस में दिया शिशु को जन्म, ड्राइवर की सूझबूझ टल बड़ा हादसा

    Updated: Sat, 01 Jun 2024 05:00 PM (IST)

    सीएचसी के चिकित्सक जुबैर अहमद ने बताया कि महिला का प्रसव तो बस में ही हो गया था लेकिन अस्पताल की महिला स्टॉफ ने महिला को भर्ती कर उपचार दिया और नवजात शिशु को कपड़े में कवर कर दिया। नवजात शिशु के बहुत कमजोर होने के कारण नवजात शिशु और प्रसूता को जिला अस्पताल बिजनौर रेफर कर दिया गया ।

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    यूपी के इस इलाके में महिला ने चलती बस में दिया शिशु को जन्म, ड्राइवर की सूझबूझ टल बड़ा हादसा

    संवाद सूत्र, नगीना। बस में सवार एक गर्भवती महिला का प्रसव बस में ही हो गया। चालक व परिचालक ने चित्तौड़गढ़ पुलिस चौकी के पास बस को रोककर एंबुलेंस बुलाकर महिला को सीएचसी पहुंचाया। जनपद बहराइच निवासी राजीव कुमार गुरूवार को अपनी गर्भवती पत्नी दया कुमारी को लेकर अपने पैतृक घर जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में देहरादून से सवार हुए थे। राजीव कुमार हिमाचल में नौकरी करते हैं।

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    उनकी गर्भवती पत्नी दया के प्रसव का समय नजदीक होने के कारण राजीव अपनी पत्नी को अपने गृह नगर के जा रहे थे। रास्ते में झटके लगने के कारण दया को प्रसव पीड़ा होने लगी तो बस में बैठी अन्य महिलाएं बस में अगली सीट पर लेटी प्रसव पीड़िता दया के पास आ गई।

    प्रसव पीड़ा असहनीय हो जाने पर चालक परिचालक बस को कोतवाली देहात क्षेत्र के फोरलेन से उतार कर नगीना ले आए और चित्तौड़गढ़ पुलिस चौकी के पास बस को रोककर सरकारी एंबुलेंस बुलाकर लोगों की सहायता से रात्रि में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।

    क्या बोले सीएचसी के चिकित्सक

    सीएचसी के चिकित्सक जुबैर अहमद ने बताया कि महिला का प्रसव तो बस में ही हो गया था लेकिन अस्पताल की महिला स्टॉफ ने महिला को भर्ती कर उपचार दिया और नवजात शिशु को कपड़े में कवर कर दिया। नवजात शिशु के बहुत कमजोर होने के कारण नवजात शिशु और प्रसूता को जिला अस्पताल बिजनौर रेफर कर दिया गया।

    इधर बस चालक परिचालक का कहना है कि जब दिनों पति पत्नी बस में चढ़े तो उन्होंने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सबसे अगली सीट दे दी ताकि पिछली सीटों पर लगाने वाले झटकों से महिला को सुरक्षित रखा जा सके तथा बस के नगीना पहुंचने ही महिला को सरकारी एंबुलेंस को बुलवाया और लोगों की सहायता से प्रसव पीड़िता व नवजात शिशु को सरकारी अस्पताल भिजवाया।