कण्व ऋषि आश्रम कब्जा मुक्त, सरकारी ताला डाला
तहसील प्रशासन ने बुधवार को रफीउलनगर उर्फ रावली में स्थित कण्व ऋषि आश्रम को कब्जामुक्त कराए जाने के बाद सरकारी ताला डाल दिया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई जांच में अवैध कब्जा सिद्ध होने पर की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की थी।

बिजनौर, जागरण टीम। तहसील प्रशासन ने बुधवार को रफीउलनगर उर्फ रावली में स्थित कण्व ऋषि आश्रम को कब्जामुक्त कराए जाने के बाद सरकारी ताला डाल दिया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई जांच में अवैध कब्जा सिद्ध होने पर की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की थी।
ग्राम रफीउलनगर उर्फ रावली में राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रणयस्थली कण्व ऋषि का आश्रम है। इस आश्रम के नाम 5.3 हेक्टेयर भूमि सरकारी रिकार्ड में दर्ज है। वर्ष 1962 से 2002 तक उक्त भूमि कण्व ऋषि सांस्कृतिक शिक्षा समिति के नाम दर्ज थी, कितु 2002 में तत्कालीन ग्राम प्रधान के विरोध पर हुई एसडीएम न्यायालय में सुनवाई के बाद उक्त भूमि को ग्राम समाज की भूमि में दर्ज कर एसडीएम सदर को पदेन रिसीवर नियुक्त कर दिया गया था। बताते हैं कि डीएम उमेश मिश्रा की पहल पर जब कण्व ऋषि के जीर्णोद्धार की कवायद शुरू हुई, तो पूर्व में गठित ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आश्रम में जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया। इस दौरान एक बार फिर ग्राम रावली के ग्रामीणों ने एसडीएम सदर को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोग आश्रम की जमीन पर कब्जा करने की कवायद शुरू दी। एसडीएम के निर्देश नायब तहसीलदार ने इस पूरे प्रकरण की जांच की, तो रफीउलनगर उर्फ रावली स्थित महर्षि कण्व ऋषि आश्रम ग्राम समाज की भूमि में स्थापित है और इस भूमि पर पदेन एसडीएम को रिसीवर बनाया गया है। जांच में आश्रम की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई थी। नायब तहसीलदार ने अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को भेज दी। रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने ग्राम बाखरपुर निवासी पदम सिंह को आश्रम को खाली करने और आश्रम की भूमि के अधिकार संबंधी दस्तावेज दाखिल करने के लिए दो दिन का वक्त दिया। वहीं बुधवार को रफीउलनगर उर्फ रावली स्थित महर्षि कण्व ऋषि आश्रम को कब्जामुक्त कराने के बाद ताला डलवा दिया। इनका कहना है:
कण्व ऋषि आश्रम का ट्रस्ट बना हुआ है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने तत्कालीन डीएम एवं वर्तमान डीएम से मालूम करने के बाद लोगों से चंदा कर आश्रम में निर्माण कराया गया है। संज्ञान में होने के बावजूद एसडीएम सदर ने आश्रम में ताला डलवा दिया।
-पदम सिंह, निवासी ग्राम बाखपुर गढ़ी बिजनौर।
-------- कण्व ऋषि आश्रम ग्राम समाज की भूमि पर स्थापित है। वर्ष 2002 में उक्त भूमि पर एसडीएम सदर को पदेन रिसीवर बनाया गया था। सरकारी भूमि पर स्थापित कण्व ऋषि आश्रम को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की गई है।
-विक्रमादित्य मलिक, एसडीएम सदर।
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