Bijnor News: घास काटने गई बुजुर्ग महिला को गुलदार ने मारकर खाया, सिर धड़ से हुआ अलग, इस साल किया 14वां शिकार
Bijnor News आक्राेशित गांव वालों ने घंटों नहीं उठने दिया शव। तीन दिन पहले गांव के पास मिला था एक गुलदार का शव। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी गुलदार के बच्चों को जंगली बिल्ली का बताकर पीछा छुड़ा लेते है रविवार की सवेरे ही इसी जंगल में चार शावक मिले हैं। जिन्हें वन विभाग ने बिल्ली के शावक बताकर काम खत्म कर लिया है।

संवाद सूत्र, भूतपुरी−बिजनौर। स्वजन के साथ खेत में घास काटने गई महिला को गुलदार ने मार डाला और कुछ हिस्सा खा भी गया। महिला का सिर धड़ से अलग मिला। गांव के पास ही तीन दिन पहले गुलदार ने वर्चस्व की जंग में एक मादा गुलदार को मारा था। घटना से आक्रोशित गांव वालों ने हंगामा करते हुए काफी देर तक शव नहीं उठने दिया। एसडीएम व वन विभाग के अफसरों ने किसी तरह गांव वालों को शांत कर शव उठवाया। गुलदार के हमले में इस साल जनपद में यह 14वीं इंसानी जान गई है।
गन्ने के खेत में था गुलदार
रविवार सुबह गांव शाहपुर जमाल निवासी 65 वर्षीय गोमती देवी पत्नी स्व.यशपाल सिंह अपनी जेठानी दयावती, भतीजे पाकेश कुमार व पोते मोहित के साथ गांव से ही करीब 500 मीटर की दूरी पर अपने ही गन्ने के खेत से घास काटने गई थी। सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर घास काट रहे थे। बाकी लोग तो 11 बजे लौट आए लेकिन गोमती देवी नहीं लौटी। स्वजन ने उसकी तलाश की लेकिन वह नहीं मिली। स्वजन और गांव वाले शाम चार बजे फिर से एकत्र होकर उसकी तलाश में खेतों पर गए।
गोमती देवी का धड़ मिला
खेत में उन्हें खून के धब्बे और किसी को घसीटने के निशान मिले। निशान देखकर गांव वाले पड़ोसी सुंदर सिंह के खेत में पहुंचे तो लगभग दस मीटर की दूरी पर मेढ़ के समीप गोमती देवी का धड़ पड़ा मिला। पास ही देखने पर उन्हें सिर भी पड़ा मिला। गुलदार के हमले में महिला की जान गई। गुलदार उसकी गर्दन के सारे मांस और, चेहरे और धड़ के भी थोड़े मांस को खाया है। महिला की मौत पर स्वजन व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। देर शाम तक उन्होंने शव नहीं उठने दिया।
सूचना पर एसडीएम मोहित कुमार, सीओ भरत कुमार, अफजलगढ़ थानाध्यक्ष हमवीर सिंह व रेहड़, शेरकोट सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी समझाने बुझाने के बाद देर शाम साढ़े सात बजे के बाद स्वजन तैयार हुए और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। वन विभाग के एसडीओ अंशुमान मित्तल, अमानगढ़ रेंज की वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय व वन दरोगा जगत सिंह राणा मौके पर पहुंचे।
खाली पिंजरे से ग्रामीणों में गुस्सा
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गुस्सा है। उनका कहना है कि कई बार गुलदार दिखने के पर ग्रामीणाों ने शिकायत की थी। लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई, केवल कुछ दिन पहले एक पिंजरा लगाया था और उसमे भी बकरी आदि नहीं बांधी थी।
महिला को गुलदार ने ही मारा है
गुलदार ने ही महिला को मारकर शव खाया है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज या नष्ट करने की अनुमति है। कोई भी प्रयास करके गांव वालों को गुलदार के आतंक से मुक्त कराया जाएगा। अरुण कुमार सिंह, डीएफओ
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