बिजनौर, जेएनएन। करीब 4400 करोड़ रुपये की लागत से बनी मध्य गंगा नहर फेज-2 का ट्रायल सफलता के साथ पूरा हो गया है। 57 किलोमीटर लंबी नहर में कहीं कोई समस्या नहीं आई। एक-दो दिन में गजरौला माइनर में भी पानी छोड़कर इसे किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। माइनर का ट्रायल पूरा होने पर पानी छोड़ना बंद कर दिया जाएगा।

अमरोहा, संभल और मुरादाबाद जिलों में फसल सिंचाई के लिए मध्य गंगा नहर फेज-2 का निर्माण साल 2008 में शुरू किया गया था। हालांकि, नहर अब भी पूरी नहीं बन सकी है। नहर की मुख्य शाखा की लंबाई 66 किलोमीटर है, जिसमें से 57 किलोमीटर नहर की जांच के लिए आठ सितंबर को पानी छोड़ा गया था। सफाई के अभाव व अन्य कारणों से नहर में पानी की रफ्तार कहीं-कहीं एक किलोमीटर प्रति घंटा ही रही। 

संरक्षित किया जा रहा पानी

कुछ दिन के लिए पानी छोड़ना बंद भी किया गया था। बिना किसी समस्या के यह ट्रायल सफल रहा। नहर में 57 किलोमीटर लंबाई में तक पानी पहुंच गया। अब इस नहर से गजरौला माइनर में पानी छोड़ने के लिए नहर में ही पानी संरक्षित किया जा रहा है। 

तैयारी में जुटे हैं अधिकारी

मध्य गंगा नहर फेज-2 बहुत बड़ी परियोजना है। यह मध्य गंगा बैराज, बिजनौर से निकली है और अमरोहा, संभल व मुरादाबाद जिलों के किसानों को फायदा पहुंचाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस परियोजना का उदघाटन कराने का विचार है। शासन स्तर के अधिकारी इसकी तैयारी में जुटे हैं।

नहर पर एक नजर

  • लागत- 4417 करोड़
  • मुख्य नहर की लंबाई- 66.200 किलोमीटर
  • क्षमता- 7000 क्यूसेक
  • प्रस्तावित सिंचित क्षेत्रफल- 146532 हेक्टेयर
  • शामिल कुल गांव- 1850
  • कुल ब्लाक- 12
  • डार्कजोन वाले ब्लाक- 11
  • लाभान्वित किसान- 4.10 लाख

सिंचाई विभाग के एक्सईएन पीपी गौतम ने बताया कि मध्य गंगा नहर फेज-2 का ट्रायल सफल रहा है। अब माइनर में पानी छोड़ने की तैयारी है। माइनर का ट्रायल सफल होने के बाद पानी छोड़ना बंद कर दिया जाएगा।

Edited By: Ajeet Chaudhary

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