पीएम मोदी के मंत्र से बिजनौर में दीपावली की रौनक: 11 करोड़ दीयों के ऑर्डर से कारीगरों में खुशी की लहर
बिजनौर के कारीगरों को इस दीपावली के लिए 11 करोड़ मिट्टी के दीयों का ऑर्डर मिला है, जिससे 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा मिला है।

HighLights
बिजनौर के कारीगरों को 11 करोड़ दीयों का ऑर्डर मिला।
'वोकल फॉर लोकल' मंत्र से पुश्तैनी कला को बढ़ावा।
दीयों के बढ़ते ऑर्डर से कारीगरों की किस्मत बदली।
अजीत चौधरी, बिजनौर। वोकल फोर लोकल... कोरोना के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया यह मंत्र जनता अपना रही है। जिले में माटीपाक कला का काम करने वाले लोगों के घरों में इसकी गूंज को देखा जा सकता है। माटीपाक कला से जुड़े कारीगरों को इस वर्ष लगभग 11 करोड़ दीये बनाने का ऑर्डर मिला है। ये दीये देश भर में भेजे गए हैं। दीपावली इन दीयों की रोशनी से जगमग होगी।
कभी मिट्टी के दीयों और दीपावली को एक ही परंपरा का हिस्सा थीं। धीरे धीरे रंग बिरंगी झालरों और मोमबत्ती ने दीयों की जगह ले ली। मिट्टी के बर्तनों की चमक भी खोती चली गई। हाल ये हो गया कि माटी पाक कला से जुड़े लोगों ने अपने पुश्तैनी काम को छोड़ दिया।
पीएम मोदी के मंत्र से बढ़ने लगा ऑर्डर
कोरोना के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान करते हुए वोकल फोर लोकल का मंत्र दिया। जनता ने भी इसे अपनाया। इस असर माटीपाक कला काम पर दिखा। जिले में दीपावली पर 50 लाख से भी कम दीये बनाने का ऑर्डर मिलता था जो बढ़ने लगा।
धीरे धीरे हर वर्ष दीपावली पर दीयों के ऑर्डर बढ़ते गए। पिछले वर्ष जिले के कारीगरों को लगभग पांच करोड़ दीये बनाने का ऑर्डर मिला, तब लगा कि इससे अधिक ऑर्डर नहीं मिल सकता है लेकिन इस बार दीयों के ऑर्डर ने नया रिकॉर्ड बना दिया है।
मिट्टी के लगभग 11 करोड़ दीये बनाने का ऑर्डर इस वर्ष कारीगरों को मिला है। ये दीये देश के कोने कोने में जाएंगे। घरों व प्रतिष्ठानों को मिट्टी के ये दीये दीपावली पर रोशनी से जगमग करेंगे।
नजीबाबाद तहसील के लिए साढ़े तीन करोड़, धामपुर के लिए 3.65 करोड़, नगीना के लिए लगभग एक करोड़, बिजनौर के लिए 80 लाख और चांदपुर क्षेत्र के लिए लगभग 1.75 करोड़ दीयों के ऑर्डर मिले। अधिकतर दीये सप्लाई कर दिए गए हैं।
ऐसे हुआ काम
भारतीय ग्रामीण माटीकला औद्योगिक उत्पादन सहकारी समिति के सभापति ऋषिपाल सिंह प्रजापति के अनुसार दीयों के लिए लगातार बढ़ रहे ऑर्डर ने पुश्तैनी काम छोड़ चुके लोगों को फिर से वापस जुड़ने पर मजबूर कर दिया।
जिले में लगभग 550 इलेक्ट्रिक चाक सरकार ने बांटी हैं। लगभग 50 परिवारों ने निजी इलेक्ट्रिक चाक भी खरीदे हैं। एक चाक पर एक दिन में पांच से सात हजार दीये तक बनाए जा सकते हैं। दीयों की कीमत 38 से 40 रुपये प्रति सैकड़ा तक है।
स्वदेशी अपनाओ के मंत्र ने मिट्टी के काम से जुड़े कारीगरों की किस्मत को बदल दिया है। जिले में कारीगरों को करोड़ों रुपये के दीयों के ऑर्डर मिले हैं। उनके बनाए दीयों से देशभर में दीपावली पर प्रकाश फैलेगा।
-रणविजय सिंह, सीडीओ
यह भी पढ़ें- दीपावली-छठ पूजा पर यात्रियों बड़ी राहत: अलीगढ़-जयपुर और नोएडा रूट पर दौड़ेंगी यूपी रोडवेज की बसें
यह भी पढ़ें- दीपावली और छठ पर बिहार आना हुआ आसान, राउरकेला से झंझारपुर के बीच 5 से चलेगी स्पेशल ट्रेन
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।