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पूर्व मंत्री अमरमणि की संपत्ति कुर्क करने के लिए 30 अप्रैल तक का समय, दो दिन पहले हो चुकी है कार्रवाई

छह दिसंबर 2001 को बस्‍ती के व्‍यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। पुलिस ने उसे लखनऊ में तत्कालीन मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित घर से बरामद किया था। इस मामले में अमरमणि सहित नौ को आरोपित बनाया गया है। जेल से छूटने के बाद भी अमरमणि इस प्रकरण में कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसी मामले को लेकर कुर्की की कार्रवाई चल रही है।

By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Published: Tue, 16 Apr 2024 12:44 PM (IST)Updated: Tue, 16 Apr 2024 12:44 PM (IST)
13 अप्रैल को अमरमणि के नौतनवां नगरपालिका में स्थित मकान को कुर्क किया गया था।

 जागरण संवाददाता, बस्ती। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की देशभर में स्थित संपत्तियों को कुर्क करने के लिए न्यायालय ने 30 अप्रैल तक का समय बढ़ा दिया है। बस्ती एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद गिरि ने कुर्की मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को यह निर्णय सुनाया।

न्यायालय को अवगत कराया गया कि दो दिन पूर्व महराजगंज में कुर्की प्रक्रिया शुरू करते हुए संपत्ति सील गई है।  बस्ती के व्यापारी धर्मराज मद्देशिया के बेटे राहुल के अपहरण मामले में 22 वर्षों से फरार चल रहे पूर्व मंत्री की संपत्तियों को न्यायालय ने कुर्क करने का आदेश दिया है।

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शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय के दो दिसंबर 2023 के आदेश के अनुपालन में क्षेत्राधिकारी व तहसीलदार नौतनवा ने 13 अप्रैल को अमरमणि के नौतनवां नगरपालिका में स्थित मकान को कुर्क किया।

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अपर जिला मजिस्ट्रेट महराजगंज के आदेश पर नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव को कुर्क मकान की चाभी सौंप दी गई है।


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