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    Raksha Bandhan 2023 को स्पेशल बनाएगी महिला बंदियों की बनाई स्नेह की डोर, त्योहार पर बढ़ाएंगी भाई- बहन का प्रेम

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Fri, 25 Aug 2023 08:06 AM (IST)

    Raksha Bandhan 2023 भाई - बहन के प्यार को इस बार महिला बंदियों द्वारा बनाई स्नेह की डोर खास बनाएगी। बस्ती जिले में महिला बंदियों को राखी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहां डीएम व एसपी ने महिला बंदियों से राखी बंधवाया और उन्हें उपहार दिया। इस दौरान महिला बंदियों के चेहरे खुशी से झूम उठे।

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    डीएम व एसपी ने महिला बंदियों से बंधवाई राखी। -जागरण

    बस्ती, जागरण संवाददाता। Raksha Bandhan 2023 : इस बार राखी के त्योहार पर भाइयों की कलाई पर महिला बंदियों द्वारा बनाई गई स्नेह की डोर शोभा बढ़ाएगी। जिला जेल में महिला बंदियों को राखी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पारंपरिक हस्तशिल्प कला को रोजगार से जोड़ते हुए महिला बंदियों को क्रोशिए से राखियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गुरुवार को जिला कारागार में पहुंच कर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन व पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने प्रशिक्षण ले रही महिला कैदियों का न सिर्फ हौंसला आफजाई किया, बल्कि तिरंगी व अन्य आकर्षक राखियों की उनसे खरीदारी भी की।

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    महिला कैदी सुनीता व रजनी ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की आरती उतार कर स्वागत किया। दोनों अधिकारियों को राखी बांधी। इसके लिए उन्हें उपहार भी मिले। जिलाधिकारी ने महिला बंदियों को हुनरमंद बना रहे बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कला एवं शिल्प शिक्षक आलोक शुक्ल को पारंपरिक एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न हस्तशिल्प विधाओं के नवीन प्रयोग के लिए सराहना किया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि पारंपरिक शिल्पकला को रोजगार से जोड़ने का यह अभिनव प्रयोग जिला कारागार में किया जा रहा है, बंदी महिलाओं द्वारा क्रोशिए से तैयार राखियों का शुक्रवार से कलेकट्रेट परिसर में स्टाल लगवाकर आम जनता की खरीदारी के लिए उपलब्ध कराया जायेगा।

    प्रशिक्षक आलोक शुक्ल ने बताया कि इसके पूर्व दीपावली के समय बंदियों को कागज की लुग्दी से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाने की विधा को सिखाया था, वर्तमान में रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है, इसी के मद्देनजर कम लागत में मजबूत व पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद बनाने के लिए क्रोशिए व सूत के प्रयोग से राखियां बनाना महिला बंदियों को सिखाया जा रहा है।

    कारागार अधीक्षक विवेकशील त्रिपाठी, प्रभारी कारापाल जयशंकर यादव, उपकारापाल बाबूराम यादव, प्रशिक्षक आलोक शुक्ल, महिला बैरक सुरक्षा प्रभारी वंदना त्रिपाठी, रोशनआरा, नैना सविता, पूजा यादव, सुमनलता, शिक्षक शीला मौर्या सहित अन्य मौजूद रहे।