विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महर्षि वशिष्ठ के नाम से जाना जाएगा बस्ती मेडिकल कालेज

By JagranEdited By:
Published: Tue, 04 Jun 2019 10:46 PM (IST)

पहले साल शुरू होगी एमबीबीएस की पढ़ाईहर्ट और न्यूरो की सुविधा जल्द

महर्षि वशिष्ठ के नाम से जाना जाएगा बस्ती मेडिकल कालेज
महर्षि वशिष्ठ के नाम से जाना जाएगा बस्ती मेडिकल कालेज

बस्ती: बस्ती का मेडिकल कालेज अब महर्षि वशिष्ठ के नाम से जाना और पहचाना जाएगा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बस्ती सीएम की घोषणा के क्रम में महर्षि वशिष्ठ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय हो गया है। एमसीआइ से मान्यता मिलने के बाद अब मेडिकल कालेज के नाम परिवर्तन संबंधी शासनादेश भी सोमवार को जारी कर दिया गया।

प्राचार्य डा.नवनीत कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया मेडिकल कालेज को पांच चरणों में विकसित किया जाना है। पहले चरण में मेडिकल कालेज को संचालित करने के लिए जो न्यूनतम आवश्यकताएं होती हैं उसे पूरा कर लिया गया है। जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। पहले सत्र में एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश होगा।

न्यूरो और हर्ट विशेषज्ञ की सुविधा जल्द

कैली हास्पिटल के मेडिकल कालेज का हिस्सा बनने के बाद अभी विशिष्ट सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी हैं। एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू होने के बाद यहां विषय विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने लगेंगे। हालांकि इस व्यवस्था में पहुंचने में कालेज को तीन-चार वर्ष लगेंगे। प्राचार्य ने बताया बस्ती मंडल मुख्यालय है और फोरलेन से लगा हुआ है। यहां वीआईपी भ्रमण के दौरान न्यूरो और हर्ट के चिकित्सक गोरखपुर से मंगाने पड़ते हैं। इसे देखते हुए यहां हर्ट और न्यूरो के डाक्टर की व्यवस्था करने का प्रयास शुरू हो गया है। उम्मीद है जल्द ही मेडिकल कालेज में इसके मरीज भी देखे जाने लगेंगे।

नहीं बिगड़ेगी चिकित्सकीय व्यवस्था

कैली हास्पिटल में कार्यरत पीएमएस संवर्ग के लिए दो दर्जन से अधिक चिकित्सकों के चले जाने के बाद मेडिकल कालेज की चिकित्सकीय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्राचार्य ने कहा मेडिकल कालेज में प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के 43 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 40 की उपलब्धता हो चुकी है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप