बस्ती के विकास का खाका तैयार: जागरण विमर्श में उद्योग, पर्यटन और प्रशासन पर मंथन
जागरण विमर्श कार्यक्रम में बस्ती के विकास का रोडमैप तैयार किया गया, जिसमें उद्योग, धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे ...और पढ़ें

जागरण विमर्श कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उपस्थित लोग। जागरण
HighLights
उद्योग, धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और प्रशासन पर गहन मंथन हुआ।
पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी ने बस्ती के विकास यात्रा को रेखांकित किया।
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था व विकास योजनाओं को गति देने का भरोसा दिया।
विश्वदीपक त्रिपाठी, बस्ती। जागरण विमर्श के बीच आमजन की सहभागिता, हर अतिथि से अपने हिस्से का सवाल पूछने के लिए उठते हाथ। जनसरोकार से लेकर हर उस तथ्य पर बात हुई, जिसका वास्ता बस्ती के विकास से था। विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित बस्ती के संकल्प के साथ आयोजित जागरण विमर्श में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। 10 बजते-बजते होटल बालाजी प्रकाश का हाल पूरी तरह भर गया।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में पांच सत्रों में उद्योग, धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य, नवाचार और प्रशासन व सुरक्षा की चुनौतियों पर गहन मंथन हुआ। मंच और सामने बैठे अतिथियों के बीच हुए सीधे संवाद ने विमर्श को नया आयाम दिया। पहले सत्र से लेकर पांचवें सत्र तक लोगों का जुड़ाव बना रहा। सबने अपने-अपने हिस्से का सवाल पूछा और मंच की ओर से यथासंभव जवाब दिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि बस्ती के पूर्व सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने दैनिक जागरण के संस्थापक पूर्णचंद्र गुप्त, पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन, पूर्व चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
हरीश द्विवेदी ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान से ही विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। जब आम आदमी की बुनियादी समस्याओं का समाधान होगा, तभी सभी मिलकर देश को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। उन्होंने बस्ती की अब तक की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि मेडिकल कालेज, सड़कों का जाल और औद्योगिक संभावनाओं ने बस्ती की तस्वीर बदली है।
आगामी वर्षों में इसे और गति दी जाएगी। विमर्श के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मान पाकर प्रतिभाएं निहाल दिखीं। मंच से सम्मानित होने के बाद कई प्रतिभाओं ने कहा कि इससे उन्हें और बेहतर करने का हौसला मिला है। विमर्श के सत्रों में औद्योगिक विकास पर विशेष जोर रहा।
वक्ताओं ने कहा कि बस्ती में बंद चीनी मिलों को चलाने, नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और युवाओं को उद्यम से जोड़ने की जरूरत है। धार्मिक पर्यटन के तहत मखौड़ा से मगहर तक की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, जिसे बस्ती की अर्थव्यवस्था के लिए नया द्वार बताया गया। कार्यक्रम का सबसे रोचक पल ओपन सत्र रहा। ‘प्रशासनिक व सुरक्षा चुनौतियां’ विषय पर आयोजित इस सत्र में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
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लोगों ने मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना और मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल से सीधे सवाल पूछे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था के साथ विकास योजनाओं को गति देने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान एक छात्रा ने जिलाधिकारी से उनके आइएएस बनने की यात्रा और उस दौरान हुए संघर्ष पर सवाल किया। इस पर हाल में मौजूद सभी लोगों ने ताली बजाकर छात्रा का हौसला बढ़ाया।
