बस्ती में जागरण विमर्श: भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी बोले, 'गांव, गरीब, किसान आगे बढ़े तो खुली विकास की राह'
बस्ती में आयोजित 'जागरण विमर्श' में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने कहा कि गांव, गरीब और किसान के ...और पढ़ें

हरीश द्विवेदी ने बताया समावेशी विकास का मंत्र
HighLights
हरीश द्विवेदी ने गांव, गरीब, किसान के विकास पर जोर दिया।
जागरण विमर्श में उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य पर चर्चा हुई।
मंडलायुक्त ने जमीनी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
डॉ. राकेश राय, बस्ती। मंच पर विकास का बड़ा संकल्प था और सामने उसका मूल मंत्र जानने व जमीन पर उतारने को लेकर उत्सुक श्रोता। संकल्प व उत्सुकता के माहौल में शुरू हुआ विचारों का सिलसिला, जो शाम तक नहीं थमा। कभी उद्योग और आधारभूत संरचनाओं पर बात हुई, कभी धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर, तो कभी स्वास्थ्य, नवाचार और प्रशासन-सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर। स्थान था होटल बालाजी प्रकाश का सभागार और अवसर था गुरुवार को आयोजित जागरण विमर्श का, थीम थी- ‘विकसित उत्तर प्रदेश विकसित बस्ती’।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने देश के विकास को व्यापक अर्थों में परिभाषित किया। कहा कि भारत विकास की राह पर यूं ही आगे नहीं बढ़ा है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति जब आगे बढ़ा है, तब जाकर विकसित भारत का संकल्प पूरा होता दिखने लगा है।
राष्ट्रीय महामंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2014 के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें देश के 140 करोड़ लोगों को विकास की यात्रा से जोड़ने की बात कही गई थी। अंतिम सत्र ‘प्रशासनिक व सुरक्षा चुनौतियां’ में मंचासीन मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव जागरण विमर्श के आयोजन से अभिभूत दिखे।
कहा कि इसके जरिये उन्हें लोगों से रूबरू होकर जिले की जमीनी समस्याओं को जानने का अवसर मिला। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यह कहकर लोगों को प्रभावित किया कि उनका पूरा प्रयास होगा कि जनता की परीक्षा में वह अच्छे नंबरों से पास हों। जागरण विमर्श के पांच सत्रों में विकास के अलग-अलग पहलुओं पर संवाद हुआ। पहले सत्र ‘उद्योग एवं आधारभूत संरचनाएं’ में आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों पर विचार हुआ।
दूसरे सत्र ‘धार्मिक: पर्यट मखौड़ा से मगहर तक’ में आस्था, विरासत और पर्यटन को विकास से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। तीसरा सत्र ‘स्वास्थ्य सेवाओं में नई संभावनाएं’ के माध्यम से बदलती स्वास्थ्य जरूरतों और बेहतर सेवाओं पर केंद्रित रहा।
यह भी पढ़ें- बस्ती में खराब सोलर सिस्टम पर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, कंपनी को लौटाने होंगे 4.29 लाख
चौथे सत्र ‘नवाचार: संभावनाओं का विस्तार’ में नई सोच, तकनीक और युवा ऊर्जा को विकास की गति से जोड़ने पर मंथन हुआ। अंतिम सत्र ‘प्रशासनिक व सुरक्षा चुनौतियां’ में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना और सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने भी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर श्रोताओं के सवालों के जवाब दिए।
उद्घाटन सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों का सम्मान हरीश द्विवेदी के हाथों हुआ। संचालन मानवी सिंह का रहा। आयोजन समाप्त हुआ तो श्रोता विकास के विभिन्न आयाम पर हुए संवाद की कड़ियों को संजोकर निकले।
