गुडमार्निंग तक सिमटा पुलिस का डिजिटल वालंटियर ग्रुप
अफवाहों व घटनाओं पर नजर रखने को पुलिस ने बनाया ग्रुप
बस्ती: पुलिस की ओर से डीजीपी के आदेश पर 6 माह पूर्व बनाए गए थानावार डिजिटल वालंटियर ग्रुप सूचनाओं के आदान प्रदान की बजाए गुडमार्निंग और चुटीले संदेश भेजने तक सिमट कर रह गए हैं।
अफवाहों से निपटने, क्षेत्र में होने वाली छोटी छोटी घटनाओं की सूचना देने के मकसद से थानावार सोशल मीडिया पर डिजिटल वालंटियर वाट्स एप ग्रुप बनाए गए थे। सीओ और थाना प्रभारी को इसका एडमिन बनाया गया था। ग्रुप से जुड़े वालंटियर को डायल 100 पर आकस्मिक दुर्घटना की सूचना देने के अलावा क्षेत्र में किसी प्रकार की अफवाह फैलाने पर सूचना देनी थी। अफवाहों के संबंध में जनसामान्य को सही तथ्यों से व्यक्तिगत रूप से एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराते हुए अफवाहों का खंडन करना क्षेत्र के बाहर से आकर होटल, रेस्टोरेंट धर्मशाला में रुकने वाले, किराए पर रहने वाले संदिग्ध व्यक्ति की भी जानकारी आदि देना वालंटियर की जिम्मेदारी तय की गई थी।
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डिजिटल वालंटियर ग्रुप से जुड़े यह लोग
शिक्षक, पत्रकार, प्रधानाचार्य, सेवानिवृत्त सैनिक, पुलिस पेंशनर्स, सामाजिक संगठन, पूर्व व वर्तमान सभासद, पूर्व व वर्तमान प्रधान, पूर्व व वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य, छात्र नेता, आशा कर्मी, ग्राम सचिव, एएनएम, कोटेदार, डॉक्टर, एडवोकेट, प्रमुख व्यापारी, पुजारी, मौलवी, विशेष पुलिस अधिकारी, होमगार्ड व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति।
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ग्रुप से जुड़े लोगों को जोड़ने के साथ ही उनके दायित्वों की जानकारी दे दी जाती है। इसके बाद भी यदि कोई आपत्तिजनक या अनावश्यक मैसेज, वीडियो पोस्ट करेगा उसे ग्रुप से रिमूव करने के साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
पंकज, एएसपी, बस्ती।
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