टूरिस्ट परमिट लेकर दो सौ बसें ढो रहीं सवारियां
फीलगुड का अहसास करा विभिन्न मार्गों पर सरपट दौड़ रही बसें सरकार को लग रही भारी राजस्व की चोट विभागीय अधिकारी चुप

जागरण संवाददाता,बस्ती : टूरिस्ट परमिट लेकर बस्ती जिले में दो सौ बसें स्थानीय सवारियां ढो रही है। यह सारा खेल परिवहन विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से चल रहा है। टूरिस्ट परमिट वाली इन बसों के खेल के बारे में पुलिस को भी पूरी जानकारी है लेकिन पुलिस कभी इधर ध्यान नहीं देती। यह बसें प्रतिदिन लखनऊ और दिल्ली और लोकल स्तर पर भी सरपट दौड़ रही हैं। यह बसें बड़ेवन, रोडवेज, रेलवे स्टेशन और कंपनी बाग में खड़ी होती हैं। जबकि यहां कोई स्टैंड भी नहीं है। बावजूद इसके यह बसें इन स्थानों पर सवारी उठाती हैं।
टूरिस्ट परमिट की आड़ में दिल्ली और बिहार प्रांत से प्रतिदिन हजारों की संख्या में सवारियों को यहां लाने ले जाने का काम किया जा रहा है। जिन रास्तों से यह बसें गुजरती हैं, उन पर थाना, कोतवाली व पुलिस चौकी भी पड़ती है। हाईवे पर लाव लश्कर के साथ एआरटीओ से लेकर यातायात पुलिसकर्मी भी मौजूद होते हैं,लेकिन इन बसों पर शिकंजा क्यों नहीं कस पा रहा है, यह बात जगजाहिर है। फीलगुड का अहसास कर विभागीय अधिकारी और वाहन मालिकों की गठजोड़ से चल रही बसों में सवारियों को भूसे की तरह भरकर लाया और ले जाया जा रहा है। बांसी, डुमरियागंज, नंदौर, मेंहदावल, गौर और बनकटी से भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट परमिट की आड़ में वाहन सवारियां ढो रही हैं। क्या है नेशनल व टूरिस्ट परमिट
नेशनल व टूरिस्ट परमिट के अंतर्गत बसों को बुक करके सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जाता है। इन बसों में डग्गामारी नहीं की जा सकती है। किसी निर्धारित रूट पर फुटकर सवारी बस में बैठाने के लिए स्टेट परमिट का प्रावधान है। इसमें लंबी कागजी प्रक्रिया और टैक्स से बचने के लिए वाहन स्वामी टूरिस्ट अथवा नेशनल परमिट लेकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यूं होती है वाहनों से वसूली टूरिस्ट परमिट लेकर सवारी ढोने वाली बसों से अच्छी खासी वसूली की जाती है। ऐसे बसों की सूची परिवहन विभाग के अधिकारी के वाहन चालक के पास है। बसों से वसूली के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति को लगाया गया है, जिसके बारे में पूरा महकमा जानता है। इस तरह इन बसों से हर महीने मोटी रकम वसूल की जाती है। इन बसों से वसूली का कार्य फोरलेन मड़वानगर टोल बूथ, फुटहिया और चौकड़ी टोल बूथ के पास किया जाता है।
टूरिस्ट परमिट लेकर बसों से सवारी ढोना परमिट शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे वाहनों की धरपकड़ के लिए नियमित जांच की कार्यवाही चल रही है। पिछले महीने में बस्ती जिले में ऐसे तीन वाहन पकड़े गए और इनसे भारी जुर्माना वसूल किया गया।
अरुण कुमार चौबे, एआरटीओ प्रवर्तन
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