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    ‘अमरमणि को ऐसी कौन सी बीमारी है कि वह कोर्ट नहीं आ सकते’, बस्ती न्यायालय ने CMO गोरखपुर से मांगी जानकारी

    बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्य चिकित्साधिकारी गोरखपुर से अमरमणि त्रिपाठी के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी है। अपहरण के एक मामले में गैरहाजिर चल रहे अमरमणि त्रिपाठी इस समय बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती हैं। उनके अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में दलील दी गई कि उनका स्वास्थ्य खराब है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि अमरमणि को ऐसी कौन सी बीमारी है कि वह कोर्ट नहीं आ सकते।

    By Jagran NewsEdited By: Pragati ChandUpdated: Fri, 18 Aug 2023 11:38 AM (IST)
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    बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्य चिकित्साधिकारी गोरखपुर से मांगी अमरमणि त्रिपाठी के स्वास्थ्य की जानकारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    बस्ती, जागरण संवाददाता। अपहरण के 22 वर्ष पुराने मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के हाजिर न होने पर न्यायालय ने सवाल किए हैं। बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद गिरी ने अमरमणि के स्वास्थ्य की रिपोर्ट के लिए सीएमओ गोरखपुर को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। इस मामले में गैरहाजिर चल रहे दो अन्य आरोपितों को हाजिर करने के लिए डीजीपी व मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।

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    यह है मामला

    अमरमणि गोरखपुर जिला कारागार में कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वर्तमान में उन्हें उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। विशेष शासकीय अधिवक्ता देवानंद सिंह ने बताया कि वर्ष 2001 में कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर निवासी धर्मराज गुप्ता के बेटे का अपहरण हो गया था। पुलिस ने तत्कालीन विधायक अमरमणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास से अपह्रत को बरामद किया था। इस मामले में नौ आरोपित हैं, जिसमें अमरमणि, नैनी शर्मा व शिवम उर्फ रामयज्ञ गैरहाजिर चल रहे हैं। इससे 22 वर्ष से न्यायालय की कार्यवाही लंबित है।

    अमरमणि के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि अमरमणि का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। न्यायालय ने इस बारे में सीएमओ गोरखपुर से रिपोर्ट तलब की थी। सीएमओ की तरफ से कोई संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, जिस पर न्यायालय ने गुरुवार को सीएमओ गोरखपुर को स्वतंत्र बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह भी बताने को कहा है कि अमरमणि को ऐसी कौन सी बीमारी है कि उन्हें अदालत में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। दो अन्य आरोपितों को अदालत में उपस्थित करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।

    82 व 83 दंड प्रक्रिया संहिता की कार्यवाही अमल में लाने के लिए कोर्ट ने इन दो आरोपितों को उपस्थित करने के लिए डीजीपी व मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित किया है। अगली नियत तिथि पर दोनों आरोपितों को अदालत में उपस्थित करने का निर्देश दिया है। इसी तिथि को सीएमओ गोरखपुर को भी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।