जेएनएन, बरेली : वाराणसी और लखनऊ के बीच चलने वाली कृषक एक्सप्रेस को पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर स्टेशन या फिर लालकुआं तक चलाने की मांग तेज हो गई है। आम यात्रियों के साथ ही रेलवे संगठन भी इस ट्रेन का रूट बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं। वजह, यह ट्रेन (संख्या 15007) वाराणसी से लखनऊ जंक्शन पर सुबह करीब पौने छह बजे पहुंचती है। इसके बाद यह वाराणसी के लिए रात करीब 11.05 बजे रवाना होती है। इस तरह कृषक एक्सप्रेस करीब सत्रह घंटे तक लखनऊ में ही खड़ी रहती है। ऐसे में ट्रेन को इज्जतनगर स्टेशन या लालकुआं तक बढ़ाए जाने पर बनारस से बरेली और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को सीधी ट्रेन मिलने से खासा फायदा होगा। कुमाऊं एक्सप्रेस रोजाना चलाने की जमकर पैरवी

वहीं, रामनगर से आगरा फोर्ट के बीच चलने वाली कुमाऊं एक्सप्रेस (15055-15056) को भी रोजाना चलाने की भी जमकर पैरवी रेलवे प्रशासन से हुई है। करीब दस साल पहले यह ट्रेन मीटर गेज लाइन पर लालकुआं से आगरा फोर्ट के बीच रोज चलती थी। मुसाफिरों की संख्या के लिहाज से यह ट्रेन हमेशा फुल रहती। वहीं, माल भाड़े के लिहाज से भी रेलवे राजस्व को अच्छा मुनाफा देती थी। फिलहाल यह ट्रेन रामनगर से आगरा फोर्ट के बीच वाया बरेली मंगलवार को गुजरते हुए रामनगर बुधवार को पहुंचती है। वहीं, आगरा फोर्ट से रामनगर के लिए सप्ताह में एक दिन यानी बुधवार को ही चलती है। रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा खासा लाभ

कुमाऊं एक्सप्रेस में जनरल के छह कोच हैं। ऐसे में इस ट्रेन से सामान्य श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को खासा सहूलियत मिलती है। वहीं, रोजाना ट्रेन चलने से इज्जतनगर मंडल के कर्मचारियों को भी गोरखपुर व आगरा के लिए रोजाना की एक सीधी ट्रेन मिल जाएगी।

Posted By: Jagran