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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रकृति का अनमोल वरदान है जल

By JagranEdited By:
Published: Fri, 25 Jun 2021 04:21 AM (GMT+05:30)

बरेली, जेएनएन: जल प्रकृति का अनमोल खजाना है। एक तरफ बढ़ती आबादी के साथ ही भूजल दोहन बढ़ा, वहीं हर सा

प्रकृति का अनमोल वरदान है जल
प्रकृति का अनमोल वरदान है जल

बरेली, जेएनएन: जल प्रकृति का अनमोल खजाना है। एक तरफ बढ़ती आबादी के साथ ही भूजल दोहन बढ़ा, वहीं हर साल बड़ी मात्रा में वर्षा जल व्यर्थ ही बह जाता है। जरूरत इस बात को समझने की है कि जल हमारी धरती के लिए प्रकृति की अनमोल देन है। हम इसे बचाएंगे तो ही खुद बच पाएंगे। शहर के कई लोगों ने इस बात का मर्म समझा और जल संरक्षण के लिए आगे आए। उनके शब्दों में ही उनकी बात..। प्राकृतिक स्त्रोतों की रक्षा करनी जरूरी

जल की हर बूंद कीमती है। इन बूंदों को सहेजकर रखना हर बुद्धिजीवी का कर्तव्य है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग का दायित्व है कि वे जल संचय के लिए लोगों को जागरूक करें। नदी, तालाब, झील, ग्लेशियर, प्राकृतिक जलस्त्रोतों की रक्षा करनी होगी। धरती की बदलती जलवायु के दोषी हम लोग ही हैं। जल दोहन लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसका संचय नहीं हो पा रहा है। भूजल स्तर तभी सामान्य रह सकता है, जब वर्षाजल का संचय हो। इसके लिए लोगों को अपने घरों में रेन हार्वेस्टिग सिस्टम लगाना होगा। मैं कई संस्थाओं से जुड़ी हुई हूं। इसके लिए मैंने जागरूकता के गीत लिखे, पर्यावरण संबंधी नाटकों का मंचन कराया। साथ ही, सामान्य बातचीत में भी लोगों को जल संरक्षण का महत्व बताती रहती हूं। सरकार को पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कानून बनानना चाहिए ताकि हमारा कल प्यासा न रहे। भूजल सेना विज्ञान क्लब पर्यावरण संस्थान से जुड़कर मैं जल बचाने के कार्य में आनलाइन जागरूकता कार्यक्रम चला रहीं हूं जिसके तहत राष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही हूं।

- रश्मि जौहरी, शिक्षिका

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सरकार तो अपना काम कर ही रही है। हमें भी समाज और अपने लिए प्रयास करने चाहिए। जल की बर्बादी करने वालों को नि:संकोच टोकना चाहिए। मेरा मानना है कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम अनिवार्य रुप से प्रत्येक विद्यालय में लगाए जाने चाहिए जिससे दोहन किया गया जल और वर्षा का जल भूमिगत हो। मैंने जल संचय को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर काम किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने दो बार पुरस्कृत भी किया है। वर्षा का जल बचाएंगे, तभी जीवन सुरक्षित रह पाएगा। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत हर निजी और सरकारी आवासों और कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम जरूरी है, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए सरकार को कानून बनाना चाहिए। जिस घर में वर्षा जल को बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिग न लगें तो उन पर जुर्माना लगना चाहिए।

- ब्रजमोहन शर्मा, प्रधानाचार्य, जय नारायण इंटर कॉलेज