Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली शहर में नहीं रहा वसंत रानी का इकलौता पेड़, सालिड वेस्ट प्लांट के पास हुआ ट्रांसलोकेट, जानिए क्या रही वजह

    By Ravi MishraEdited By:
    Updated: Tue, 23 Nov 2021 06:56 AM (IST)

    Vasant Rani Tree Translocate in Bareilly रामपुर गार्डन से विकास भवन को जाने वाली रोड पर लगा इकलौता वसंत रानी ( टेबुविया रोजिया) का इकलौता पेड़ अब शहर में नहीं रहा। सड़क चौड़ीकरण के लिए इस पेड़ को वन विभाग ने ट्रांसलोकेट किया है।

    Hero Image
    बरेली शहर में नहीं रहा वसंत रानी का इकलौता पेड़, सालिड वेस्ट प्लांट के पास हुआ ट्रांसलोकेट

    बरेली, जेएनएन। Vasant Rani Tree Translocate in Bareilly : रामपुर गार्डन से विकास भवन को जाने वाली रोड पर लगे जिला के इकलौता वसंत रानी ( टेबुविया रोजिया) का इकलौता पेड़ अब शहर में नहीं रहा। सड़क चौड़ीकरण के लिए इस पेड़ को सथरापुर स्थित सालिड वेस्ट मैनेसमेंट प्लांट के पास वन विभाग ने ट्रांसलोकेट किया है। पर्यावरणविदों के मुताबिक बरेली में वसंत रानी का यही अकेला पेड़ शहर में था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली कालेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. आलोक खरे ने बताया कि पूरे बरेली में वसंत रानी का अकेला पेड़ रामपुर गार्डन व विकास भवन के पास लगा हुआ था। वसंत रानी का पेड़ काफी गुणकारी है। इसके अलावा इस पेड़ पर जनवरी से अप्रैल तक साल के चार महीने फूल खिलते हैं, जो पेड़ लगाने के बाद महज चार से पांच साल में आने लगते हैं। इस पेड़ की लकड़ी भी मजबूत होती है। वहीं वन विभाग के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जा रहा है। जो पेड़ ट्रांसलोकेट नहीं हो सकते हैं केवल उन्हीं को काटा जा रहा है।

    इन बीमारियों के इलाज में काम आता है पेड़ का फूल 

    जीवाणु रोधी, बुखार, मलेरिया, सिफलिस, एवं अन्य त्वचा संबंधी रोगों के उपचार में प्रयोग होता है।

    एक नजर पेड़ पर

    बरेली कालेज के वनस्पति विभाग के अध्यक्ष डा. आलोक खरे के मुताबिक इस पेड़ की उम्र 30 वर्ष के आस-पास थी। जिसकी चौड़ाई दो फीट व जड़ों का फैलाव दो से 2.5 मीटर तक था। उन्होंने बताया कि अगर विभाग ने पेड़ को ट्रांसलोकेट किया है तो पेड़ चार से पांच साल में तैयार हो जाएगा।

    गांधी उद्यान से श्यामगंज पुल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। ऐसे में बीच में आने वाले पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जा रहा है। पेड़ों का आकार अधिक होने के कारण उनकी टहनी व पत्ते केवल छांटे जा रहे हैं। वसंत रानी का पेड़ ऊपर से काटने के बाद सथरापुर प्लांट के पास ट्रांसलोकेट किया गया है।- वैभव चौधरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, बरेली रेंज