'श्रद्धा जैसे हत्याकांड रोकने के लिए है UCC', बरेली के Invertis University में बोले उत्तराखंड के CM धामी
Pushkar Singh Dhami| UCC | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में कहा कि समान नागरिक संहिता असमानता को समाप्त करने वाला कानून है जिसे उत्तराखंड की जनता की आवश्यकता के आधार पर लागू किया गया। यह कानून किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है और इससे सभी को समान अधिकार मिलेगा जिससे समाज में नई चेतना आएगी।

जागरण संवाददाता, बरेली। यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) यानी समान नागरिक संहिता का विचार नया नहीं है, जनसंघ के समय से ही हमारी पार्टी का यह मुद्दा रहा है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि उत्तराखंड ने इसे सबसे पहले लागू किया। यह संविधान निर्माताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह कानून किसी धर्म या समुदाय के विरुद्ध नहीं, असमानता को खत्म करने वाला है।
दिल्ली में लिव इन में रहने वाली श्रद्धा की हत्या जैसे कांड रोकने में यह कानून सहायक होगा। उत्तराखंड में लागू हुआ कानून देश में नई चेतना लाएगा। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने पर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बातें कहीं।
बरेली के इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में आए थे सीएम धामी
उन्होंने सर्वप्रथम लोगों को नवसंवत्सर और नवरात्र की बधाई दी। बोले कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करना जनता की मांग थी। लोगों के साथ भेदभाव होते हमने देखा है। वहां जब चुनाव होता तो सरकार बदल जाती थी, लेकिन इस बार लोगों ने पुरानी परिपाठी को बदला। भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनाई इसलिए यह अभिनंदन सिर्फ मेरा नहीं वहां की सवा करोड़ की जनता का भी है।
पीएम के नेतृत्व में लागू हुआ यूसीसी- धामी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और जनता के समर्थन से प्रदेश में यूसीसी लागू कर दिया। इससे लोगों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं। महिला सशक्तिकरण हुआ है। मुस्लिम महिलाओं को कुरीतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। महिला को भी उत्तराधिकार मिलेगा। यह महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच है। आज मुस्लिम महिलाएं जहां मिलती हैं धन्यवाद देती हैं। यूसीसी लागू होने से न्यायालय में लंबित मुकदमे भी खत्म होंगे।
बोले कि कुछ लोगों ने इस कानून में लिव इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने पर सवाल खड़े किए। रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता पर बताया कि अक्सर माता-पिता को बच्चों के इन संबंधों की जानकारी नहीं होती। कभी लिव इन रिलेशन खराब होने पर हत्या जैसे अपराध हो जाते हैं। तब माता-पिता के पास आंसू के अलावा कुछ नहीं बचता। इस कानून से उन्हें जानकारी रहेगी। दिल्ली में लिव इन रिलेशन में रहने वाली श्रद्धा हत्याकांड का जिक्र किया।
बोले कि प्रेमी आफताब ने श्रद्धा के कई टुकड़े करके फ्रिज में रख दिए। ऐसी घटनाएं हम नहीं होने देना चाहते, इसलिए यूसीसी लागू कर दिया। इसमें लिव इन रिलेशन से होने वाले बच्चों को अधिकार दिलाना भी शामिल है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भी तंज कसा। बोले कि स्वतंत्रता के बाद लगातार केंद्र में शासन करने के बाद भी यूसीसी लागू करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
उत्तराखंड के सीएम को किया गया सम्मानित
भाजपा ने मोदी जी के नेतृत्व में मजबूत संकल्प के साथ यह कर दिखाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तराखंड से निकली नदियां पूरे देश को सींचती हैं, उसी तरह समान नागरिक संहिता कानून भी पूरे देश को अभिसिंचित करेगा। इससे पूर्व महापौर व इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. उमेश गौतम, कार्यकारी निदेशक पार्थ गौतम ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का स्मृति चिह्न, सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य और पूर्व मंत्री अशोक कटारिया ने उन्हें गदा भेंट की। महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह समेत वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, विधायक डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. डीसी वर्मा, प्रो. श्याम बिहारी लाल व अन्य उपस्थित रहे।
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