यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Urs-E-Noori News : अहसन मियां बोले- तालीम के बिना मुल्क की तरक्की मुश्किल, पढा लिखा तबका ही मुल्क और मजहब की कर सकता है सही तरक्की
Urs-E-Noori News उर्स-ए-नूरी मुकम्मल होने के बाद बुधवार को ठिरिया निजावत खां में नूरी लंगर कमेटी व कंगी टोला में ...और पढ़ें

बरेली, जेएनएन। Urs-E-Noori News : उर्स-ए-नूरी मुकम्मल होने के बाद बुधवार को ठिरिया निजावत खां में नूरी लंगर कमेटी व कंगी टोला में नूरी मेहमानखाने में टीटीएस की ओर से जश्न-ए-मुफ्ती आजम हिंद दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में मनाया गया। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कंगी टोला में अजमल नूरी व ठिरिया निजावत खां में हाजी रौनक अली खान व गौहर खान ने सज्जादानशीन का फूलों से जोरदार इस्तकबाल किया। तहरीक-ए-तहफ्फुज सुन्नियत (टीटीएस) के आलमी सदर अहसन मियां ने कहा कि बच्चे हमारे मुल्क का मुस्तकबिल (भविष्य) है।
मुल्क की तरक्की के लिए तालीमयाफ्ता (शिक्षित) समाज का होना बेहद जरूरी है। तालीम के बिना मुल्क की तरक्की मुश्किल है। मुसलमान अपने बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अरबी, उर्दू के साथ इंग्लिश, हिंदी व अन्य भाषाएं सिखाने पर भी जोर दें। दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम जरूर दिलाएं। मुफ्ती, मौलवी, हाफिज, कारी के साथ-साथ अपने बच्चों को आइएएस, आइपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर बनाए।
पढ़ा लिखा तबका ही मज़हब और मुल्क की सही तरक्की कर सकता है। यही मिशन आला हजरत और मुफ्ती ए आजम हिंद का था। कारी अब्दुर्रहमान खां कादरी, मुफ्ती जमील, मौलाना बशीरुल कादरी मौलाना ताहिर हुसैन, हाफिज इल्यास ने भी खिताब किया। आखिर में फातिहा व दुआ के बाद लंगर तकसीम किया गया। इस दौरान हाफिज अनवर, औररंगज़ेब नूरी, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी, मंजूर खान, जावेद खान, शोएब अजहरी, साकिब रजा, फैज कुरैशी, जुनैद रजा चिश्ती, मेंहदी हसन, साकिब यार खान आदि मौजूद रहे।
