बरेली, जेएनएन: भारतमाला परियोजना के तहत बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन करने के लिए निर्माण अक्टूबर तक शुरू हो जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए एडीएम वित्त मनोज को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर कार्यों में तेजी आ सके। कमिश्नर आर रमेश कुमार ने दो दिन में सर्वे शुरू कराने को कहा है। बतौर नोडल अधिकारी एडीएम को इसकी नियमित समीक्षा करनी होगी। अड़चनों को दूर कराने के साथ अधिकारियों को प्रगति के बारे में बताना होगा। विभिन्न चरणों में होने वाले कार्यों के लिए समय सीमा निर्धारित कर ली जाए। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि प्रस्तावित कार्य में हरे पेड़ों को काटने के बजाय स्थानांतरित किया जाए। वर्तमान में तैयार हो रहे प्रस्ताव में पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने का प्रविधान किया गया है। शीर्ष स्तर पर इसके लिए प्रयास किए जाने चाहिए। प्रत्येक दशा में पुराने पेड़ों को कटान से बचाने के प्रयास किए जाएं।

पेड़ बचाने के लिए एक ओर चौड़ीकरण का सुझाव

वन संरक्षक जावेद अख्तर ने सुझाव दिया कि इस कार्य के लिए वर्तमान में सड़क के दोनों ओर जो पेड़ लगे हैं, उन्हें काटने या स्थानांतरित करने के बजाए एनएचएआइ सड़क के एक ओर ही चौड़ीकरण का कार्य करे। इससे दूसरी ओर के पेड़ सुरक्षित रहेंगे।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा यह राजमार्ग

एनएचएआइ के परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक 70.870 किमी का यह राष्ट्रीय राजमार्ग यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने का एक और मार्ग होगा। यह बरेली के नवाबगंज से होते हुए पीलीभीत, अमरिया से उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के सितारगंज तक जाएगा। इस राजमार्ग को फोर लेन करने के लिए कुल 45.670 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही आठ बाइपास और दो फ्लाईओवर का भी इसमें प्रविधान किया गया है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बरेली के डीएम नितीश कुमार, पीलीभीत डीएम पुलकित खरे, एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमित रंजन चित्रांशी, वन संरक्षक जावेद अख्तर, प्रभागीय वनाधिकारी भारत लाल, अपर आयुक्त अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Edited By: Jagran