Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन में पाकिस्तानी छात्रों के लिए सुरक्षा कवच बना तिरंगा, बार्डर पार कर बोले- यहां हूं सुरक्षित

    By Ravi MishraEdited By:
    Updated: Mon, 28 Feb 2022 09:36 AM (IST)

    Russia Ukraine Conflict यूक्रेन में खौफनाक मंजर देखने के बाद पाकिस्तानी छात्रों ने बार्डर पार करने के लिए तिरंगे का सहारा लिया।भारतीय तिरंगा व छात्र जहां उनका सुरक्षा कवच बने। वहीं उन्होंने इसी के सहारे बार्डर पाकर राहत की सांस ली।

    Hero Image
    Russia Ukraine Conflict : यूक्रेन में पाकिस्तानी छात्रों के लिए सुरक्षा कवच बना तिरंगा

    बरेली, जेएनएन। Russia Ukraine Conflict : रूस के हमले के बाद अपनी आखाें से मिसाइलें, बम और टैंकों के धमाकों का खतरनाक मंजर देखने के बाद यूक्रेन में फंसे छात्रों को सिर्फ सुरक्षित जगह पर पहुंचने की तलाश थी। यह तलाश सिर्फ भारतीय छात्रों की नहीं बल्कि पाकिस्तान के छात्राें की भी थी। खतरनाक होते हालात और पल पल बढ़ते जान के खतरे को देख पाकिस्तानी छात्रों ने वहां से बार्डर पार कर अपने वतन वापसी के लिए भारतीय ध्वज यानी तिरंगे का सहारा लिया। जो उनका सुरक्षा कवच बना। जिसके बाद बार्डर पार कर राहत की सांस लेने के बाद भारतीयों के साथ पाकिस्तानी छात्र बोले अब सुरक्षित हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    संकट के समय काम आए हिंदुस्तानी

    यूक्रेन में फंसे पाकिस्तानी छात्रों के काम आए हिंदुस्तानी। दरअसल बरेली के रहने वाले छात्र को यूक्रेन से बाहर आने का रास्ता मिल गया।जिस पर वह यूक्रेन से बार्डर पार करने के लिए निकला।इसी दौरान उसके दो पाकिस्तानी दोस्तों ने उसकी ओर मदद की आस से देखा। जिसके बाद उसने अपने पाकिस्तानी दोस्तों को भी अपनी कार में बिठा लिया। कार में भारतीय ध्वज लगाकर बार्डर की ओर निकले। भारतीय ध्वज उनका सुरक्षा कवच बना। उनके रास्ते में कोई बाधा नहीं आई।कभी यूक्रेन तो कभी रूस की फौज ने उन्हें रोका। लेकिन भारतीय ध्वज देखकर उन्हें जाने दिया। कुछ देर बाद सभी उसी तिरंगे के सहारे पोलैंड का बार्डर पार कर चुके। बोले अब सुरक्षित है।

    सरकार का जताया आभार, बोले- नहीं हुई दिक्कत

    खौफनाक माहौल से बाहर आते ही बरेली के शाही निवासी रमन कुमार ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि हमारे देश की सरकार ने हमारा हर पल साथ दिया। उन्होंने बताया कि दूतावास और पोलैंड की जनता ने भी भारतीयों की हर जरूरत का ख्याल रखा।बोले भारतीय पासपोर्ट देखते ही उस पर मुहर लगा दी गई। जिसके बाद उन्हें अंदर आने की अनुमति मिल गई। वीजा के बारे में भी कोई जानकारी नहीं ली गई।इसके बाद दूतावास ने एक होटल में भेज दिया।

    दूतावास के अधिकारियाें ने रखा खास ख्याल

    उन्होंने बताया कि दूतावास के अधिकारियों के उनका खास ख्याल रखा। उन्होंने बताया भारतीय दूतावास के अधिकारी बार बार आकर पूछते थे कि भोजन, नाश्ता कर लिया या नहीं।रोमानिया के लोगों ने भी रास्ते में छात्रों के लिए नाश्ते पानी की व्यवस्था कर रखी थी। वहां से एयरपोर्ट से पहुंचे। जहां से विमान से दिल्ली आए।इसके बाद सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईंं कारों से वह वापस घर लौटने की व्यवस्था थी। लेकिन वह बस से वापस लौट आए। कुछ छात्र सीमा पार न कर पाने की वजह से फंसे है।