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    RSS प्रमुख की तारीफ करते नजर आए बरेलवी मौलाना, कहा- मुसलमानों को उम्मीद जगी… संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 02:19 PM (IST)

    बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विचारों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भागवत ने समाज को जोड़ने वाली बातें की हैं जिससे देश में सकारात्मक सोच विकसित हुई है। मौलाना ने भागवत के इस विचार का समर्थन किया कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत तलाशो और सभी को साथ लेकर चलो।

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    RSS प्रमुख की तारीफ करते नजर आए बरेलवी मौलाना, कहा- मुसलमानों को उम्मीद जगी… संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन।

    जागरण संवाददाता, बरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की बात का बरेलवी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समर्थन किया। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन है, भारत में किसी भी धर्म के मानने वालों का इतना बड़ा संगठन अभी तक वजूद में नहीं आया है।

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    मौलाना ने कहा कि मोहन भागवत ने समाज को जोड़ने के लिए विभिन्न मौकों पर ऐसी बातें कहीं हैं, जिससे देश में सकारात्मक सोच विकसित हुई।

    उन्होंने कहा था कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत तलाश करो, यही बात उन्होंने गुरुवार को दोहराते हुए विज्ञान भवन दिल्ली के सम्मेलन में कहा कि हर जगह शिवलिंग मत तलाश करो। उन्होंने सभी लोगों को साथ में लेकर चलने की बात कही। 

    मौलाना ने कहा कि जब सब लोग मिलकर साथ चलेंगे तो भारत तरक्की करेगा। मौलाना ने कहा कि संघ प्रमुख की सकारात्मक सोच देश में बढ़ते हिन्दू मुस्लिम तनाव को कम करेगी, उनके बयानों और लेखों को सभी समुदाय के लोग को सुनना और पढ़ना चाहिए।

    मैं समझता हूं कि अब बहुत सारे ऐसे संगठन जो देश में उपद्रव मचाते रहते हैं, उसमें बहुत हद तक कमी अवश्य होगी। मौलाना ने कहा कि देश की तरक्की के लिए सभी समुदाय के लोगों को एक साथ मिलकर चलना होगा।

    मौलाना ने आगे कहा गत दो वर्षों में देखा जा रहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थानों मस्जिद, मदरसा, मकबरों और मजारों को कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से निशाना बनाया गया, जिसकी वजह से हालात तनावपूर्ण हो गए और सरकारों को हस्तक्षेप करके मामले को निपटाना पड़ा। 

    संघ प्रमुख के इन प्रयासों के बाद मुसलमानों को उम्मीद जगी है कि अब भारत में असामाजिक तत्वों की इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगेगी।